गुरुग्राम (Best24News): हरियाणा के चार बड़े नगर निगमों के कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण करने और हरित ऊर्जा (Green Energy) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नूंह में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में शहरी स्थानीय निकाय (हरियाणा) और भारत सरकार के उपक्रम ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल ग्रीन एनर्जी) के बीच एक ऐतिहासिक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
अंबाला, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लगेंगे वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट
इस समझौते के तहत प्रदेश के 4 प्रमुख शहरों—अंबाला, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम में अत्याधुनिक वेस्ट-टू-एनर्जी (Waste-to-Energy) प्लांट स्थापित किए जाएंगे। चारों नगर निगमों के कमिश्नरों ने ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। यह परियोजना न केवल शहरों में कूड़े के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि प्रदेश में बायो-एनर्जी और हरित ऊर्जा के उत्पादन में भी मील का पत्थर साबित होगी।

“पुराने समझौतों की तरह न अटके योजना, धरातल पर उतरे काम”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि कचरे से बिजली बनाने के लिए पहले भी कंपनियों के साथ समझौते हुए थे, लेकिन वे योजनाएं धरातल पर सिरे नहीं चढ़ सकीं।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि गुरुग्राम सहित अन्य शहरों के कचरा निस्तारण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से कहा कि गुरुग्राम के बंधवाड़ी स्थित कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए इस प्रोजेक्ट पर तुरंत काम शुरू किया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑयल इंडिया लिमिटेड के उच्च अधिकारियों और निगम कमिश्नरों को सख्त हिदायत दी कि वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द धरातल पर शुरू किया जाए, ताकि आमजन को कूड़े के ढेरों और प्रदूषण से निजात मिल सके।













