रेवाड़ी: रेवाड़ी में पशुओं के हमले में 5 दिन में 2 मौतों के बाद प्रशासन के सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सोमवार देर शाम पुलिस ने वृद्ध की मौत के मामले में 3 पशुपालकों के खिलाफ मामला केस दर्ज कियस है। यह मामला डीएसपी हैडक्वाटर संजीव बल्हारा के आदेश पर हुआ है। सवाल यह है क्या अब कार्रवाई होगी।
क्या होगी कार्रवाई: पहले भी कई बार ऐसे मामले दर्ज किए गए है क्या आज तक उन कार्रवाई हुई है। क्योंकि प्रशासन केवल कागजों में ही कार्रवाई करता हैं अगर पहले कारवाइ होती ये ऐसा नहीं होता। बता दे कि रेवाड़ी में 5 अगस्त को सेक्टर-4 निवासी कैप्टन जगराम सिंह यादव और 11 अगस्त को माता चौक निवासी प्रताप सिंह यादव की मौत हो गई थी।
जानिए क्या मामला, किसने खिलाफ मामला दर्ज
डीएसपी ने मामले बताया कि गांव धवाना निवासी देवेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसने नगर परिषद से शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने का वर्क ऑर्डर (ठेका) लिया हुआ है। पशुराम कॉलोनी में उनका सुनारिया ग्रुप के नाम से कार्यालय है। उन्होंने बताया कि महेश यादव अपनी टीम व स्टाफ के साथ मोहल्ला गुर्जरवाड़ा में आवारा पशुओं को पकड़ने गए थे। जब टीम ने वहां आवारा घूम रही गायों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की, तो स्थानीय निवासी इन्द्र गुर्जर, मलखान गुर्जर और फरसा गुर्जर (सभी निवासी मोहल्ला गुज्जरवाड़ा) ने प्रशासनिक कार्य में बाधा डालते हुए उनकी टीम के साथ गाली-गलौज की और मारपीट तथा हाथापाई पर उतारू हो गए।
जबरदस्ती छुडा ले गए गाय: बता दे कि आरोपी जबरदस्ती पकड़ी गई गायों की रस्सियां खोलकर छुड़ा ले जाते है और विरोध करने पर टीम के सदस्यों को जान से मारने की धमकियां देते है। रविवार को दोबारा अभियान शुरू होने पर पशुपालकों ने कर्मचारियों से 4 पशुओं को मुक्त करवा लिया था। जिससे प्रशासन की सख्ती पर भी सवाल उठने शुरू हो गए थे।














