Namo Bharat Rapid Rail को 2009 में मिली थी मंजूरी, 2025 तक कहां पहुंची पढें अपडेट?

On: August 16, 2026 12:32 PM
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NEMO BHARAT TRAIN
Namo Bharat Rapid Rail: केंद्र सरकार की नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम को 2009 में मंजूरी मिली थी। पिछले 16 साल से अधिकारी इस रेल सिस्टम को वाह वाह लूट रहे है। हर बार योजना में विस्तार होने के दावे किए जाते है। लेकिन बडा सवाल यह है यह योजना कब तक पूरी होगी। इसको लेकर​ किसी के पास कोई जबाव नही हैं। सिर्फ कागजों में योजनाए चल रही है  Namo Bharat Rapid Rail

बहरोड तक होगा विस्तार

बता दे कि दिल्ली-गुड़गांव-रेवाड़ी-अलवर ‎कॉरिडोर को पहले धारूहेड़ा तक लाने का प्रस्ताव था। जब काफी विरोध् हुआ तो यह ​बाबल तक पहुंचाने पर सहमति बनी वहीं अब इसे बहरोड तक विस्तार किया जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्र मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इस प्रोजेक्ट के एक बार फिर अपने मूल रूप में आने का दावा करते हुए कहा कि इस पर करीब 8 हजार करोड़ की अतिक्त लागत आएगी और केंद्रीय वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर बजट मांगा गया है।

8 हजार करोड़ अतिरिक्त खर्च होंगे

प्लान में अब तक दो बदलाव हो चुके हैं और तीसरा बदलाव जारी है। पहले इसे धारूहेड़ा तक सीमित कर दिया। फिर बावल तक बढ़ा दिया और अब इसे फिर से बहरोड (राजस्थान) तक करने के प्रयास चल रहे हैं। जिस पर 8 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च आएंगे।

 

2032 तक होगा काम पूरा: बता दें, कि 2009 में नेशनल कैपिटल रीजन‎ प्लानिंग बोर्ड ने फंक्शनल प्लान ऑन‎ट्रांसपोर्ट फॉर एनसीआर-2032 को‎ मंजूरी दी। नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) प्रोजेक्ट के निर्माण की सिफारिश‎ की। हालांकि इस पर अब भी सभी की निगाहें पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर टिकी हुई है। क्योंकि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय उन्हीं के पास है।

चार स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित

प्रस्तावित परियोजना में बावल से नीमराणा तक चार स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। जिसकी लंबाई करीब 36 किलोमीटर होगी। जिसका करीब 11 किलोमीटर हिस्सा रेवाड़ी और 25 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में आएगा। इससे यह दूरी 24 मिनट में तय की जा सकेगी।

कांट छाट में उलझाा है मामला

इसके लिए 8 कॉरिडोर चिह्नित कर शुरूआती चरण में 3 का निर्माण होना था। जिनमें से एक यह भी था। बाकी दो में से मेरठ रूट पर ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। पानीपत का करनाल तक विस्तार मंजूर हो चुका है। जबकि यह प्रोजेक्ट 15 साल से रेवाड़ी-अलवर रूट अब‎ तक काटछांट में ही उलझा हुआ है।‎ बता दे यह भी चर्चा जोरो पर है कई अहीरवाल की लडाई में ये रेपिड ट्रेन लटक न जाए।

 

 

 

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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