Bawal GLS Company Fire: अग्निकांड मामले में बड़ी कार्रवाई, फायर सेफ्टी ऑफिसर रिमांड पर

On: July 15, 2026 6:25 PM
Follow Us:
Bawal GLS Factory Fire:

Bawal GLS Company Fire: बावल (रेवाड़ी): औद्योगिक क्षेत्र बावल (IMT) स्थित जीएलएस प्राइवेट लिमिटेड (GLS Pvt Ltd) कंपनी में बीते मई माह में हुए भीषण और दर्दनाक अग्निकांड के मामले में थाना बावल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के मामले में संलिप्त कंपनी के फायर सेफ्टी ऑफिसर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को एक दिन रिमांड पर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला आजमगढ़ गांव प्रतापपुर के रहने वाले चन्द्र मौर्य हाल निवासी: मोहल्ला भक्ति नगर, रेवाड़ी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी क गहन पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

भीषण अग्निकांड मामले में बावल पुलिस ने फायर सेफ्टी ऑफिसर लाल चन्द्र मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है।
भीषण अग्निकांड मामले में बावल पुलिस ने फायर सेफ्टी ऑफिसर लाल चन्द्र मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है।

जानिए कब ओर कैसे लगी थी आग

बता दें कि गांव चान्दनवास निवासी विक्रम यादव ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। वह पिछले 10 महीनों से इस कंपनी में बतौर एजीएम (AGM) कार्यरत हैं। 19 मई 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे जब कंपनी के प्रोडक्शन फ्लोर पर लगभग 50-60 कर्मचारी काम कर रहे थे, तभी वहां लगे एक बड़े रिएक्टर में अचानक जोरदार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई।

कंपनी में इंक (Ink) और रेजिन केमिकल (Resin Chemical) भारी मात्रा में होने के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक आगजनी में शिकायतकर्ता सहित कंपनी के कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे।

सुरक्षा नियम ताक पर इसलिए हुआ था हादसा

शिकायत में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी के प्रोडक्शन फ्लोर पर पहले भी कई छोटी-मोटी घटनाएं हो चुकी थीं, जिसके बारे में कर्मचारियों द्वारा कंपनी के मालिकों, एचआर हेड (HR Head) और फायर सेफ्टी ऑफिसर को बार-बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। लेकिन प्रबंधन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

जानिए क्या मिली खामियां जिसके चलते हुआ हादस’

कंपनी का आपातकालीन निकास (Emergency Gate) बेहद छोटा था, जिसके कारण भगदड़ के दौरान कर्मचारी समय पर बाहर नहीं निकल सके। कंपनी परिसर में आपातकाल के लिए कोई एम्बुलेंस मौजूद नहीं थी, जिसके कारण घायलों को निजी गाड़ियों में अस्पताल ले जाना पड़ा।

यदि फायर सेफ्टी ऑफिसर

GLS COMPANY BAWAL
GLS COMPANY BAWAL

और प्रबंधन ने इन कमियों को समय पर दूर किया होता, तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। सबसे अहम बात यह है बार बार कहने के बाजवूद सुरक्षा मानकों की लापरवाही बरती गई इसीलिए हादसा हुआ था।

आगजनी में 4 कर्मचारियों की हो गई थी मौत्

इस दर्दनाक और भयावह आगजनी में मलबे में दबने के कारण दो कर्मचारियों धर्मेंद्र व शकिन्द्र के शव मौके से बरामद हुए थे। जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों हरिबाबू व प्रवेश ने दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस हादसे में कई अन्य कर्मचारी आज भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

फायर ओफिसर को लिया रिमांड पर: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से कंपनी में सुरक्षा चूकों, एक्सपायर्ड फायर सिलेंडरों और प्रबंधन की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now