रेवाड़ी न्यूज़ : रेवाड़ी जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की डायलिसिस सेवा को लेकर एक वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक कर्मचारी मरीज का इलाज चलने के दौरान कुर्सियां जोड़कर लेटा हुआ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
मरीज का इलाज जारी था, कर्मचारी पर लापरवाही का आरोप
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि डायलिसिस यूनिट में एक मरीज मशीन से जुड़ा हुआ है, जबकि वहीं मौजूद कर्मचारी आराम करता नजर आ रहा है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने कर्मचारी के नशे में होने का भी दावा किया है। हालांकि, इसकी वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
वीडियो की तारीख और इसे रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। लेकिन वीडियो के सोशल मीडिया पर पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई।
रेवाड़ी जिला अस्पताल में निजी कंपनी संभाल रही है डायलिसिस सेवा
जिला नागरिक अस्पताल में डायलिसिस सुविधा पीपीपी मॉडल के तहत संचालित की जा रही है। यहां मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निजी कंपनी की है। कंपनी की ओर से नियुक्त कर्मचारी ही केंद्र में सेवाएं देते हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
रेवाड़ी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के विस्तार और सुविधाओं को बढ़ाने की योजनाओं के बीच इस तरह का वीडियो सामने आने से व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है।
लोगों का कहना है कि डायलिसिस जैसी गंभीर चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों का पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी मरीजों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
अस्पताल प्रशासन ने कंपनी से मांगा जवाब
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि डायलिसिस सेंटर का संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। वीडियो की जानकारी मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में कितनी सच्चाई है और कर्मचारी की ओर से वास्तव में कोई लापरवाही हुई या नहीं। लेकिन वीडियो ने डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा में निगरानी व्यवस्था पर जरूर सवाल खड़े कर दिए हैं।













