Haryana Monsoon Update: हरियाणा में मानसून में पूरे राज्य को कवर कर लिया था लेकिन एक बार फिर से राज्य में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है।हरियाणा के रेवाड़ी गुरुग्राम सहित कई जिलों में अगले 6 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर तूफानी बारिश होगी जिससे आम जनता की परेशानियां काफी बढ़ सकती है।
हरियाणा के मौसम विभाग ने प्रदेश के मौसम को लेकर हाल ही में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 घंटों में कई जिलों में तूफ़ानी बारिश का अलर्ट बताया गया है। सोमवार को अगले तीन घंटों मे पानीपत, करनाल, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, पलवल व रेवाड़ी जिलों में तेज हवाएं व गरज चमक के साथ बारिश आने की संभावना है।
सिरसा सबसे गर्म रहा रविवार को (Haryana Monsoon Update)
बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा (Haryana Monsoon Update) में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस सिरसा में दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। रात के तापमान में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।
सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस नारनौल में रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य जिलों में यह 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर होने वाली बारिश के चलते तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
राज्य में रुक-रुक कर बारिश हो रही है वहीं सिरसा हिसार समेत कई जगहों पर तो तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो तापमान में अभी बढ़ोतरी हो सकती है। मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के वजह से लगातार गर्मी बढ़ती जा रही है।
इन जिलों में होगी झमाझम बारिश
मौसम विभाग ने हरियाणा के रेवाड़ी गुरुग्राम सहित कई जिलों में अगले 6 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर तूफानी बारिश होगी जिससे आम जनता की परेशानियां काफी बढ़ सकती है। हालांकि रविवार को रेवाड़ी में दिनभर बादल छाए रहे जबकि बावल में झमाझम बारिश हुई।
जानिए किस जिले में कितनी हुई बारिश
हरियाणा में मानसून की बारिश का असर सभी जिलों में एक जैसा देखने को नहीं मिला है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार फतेहाबाद में सामान्य से 47 प्रतिशत और हिसार में 12 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं सिरसा में सामान्य से 76 प्रतिशत, जींद में 55 प्रतिशत और झज्जर में 34 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून की बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है।
बता दे इस बार मानसूनी हवाओं के आने की संभावना से राज्य में 1 जुलाई देर रात्रि से मौसम में बदलाव व प्रीमानसून बारिश की संभावना बन रही है। राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 2 जुलाई से 6 जुलाई के दौरान हवाओं व गरजचमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है परंतु इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश की संभावना बन रही है













