
Haryana Monsoon Update: हरियाणा में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 48 घंटे के भीतर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद 2 जुलाई से मौसम तेजी से बदलेगा और 6 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की भी संभावना जताई गई है।
रेवाड़ी समेत दक्षिण हरियाणा में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, झज्जर, नूंह और आसपास के इलाकों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं। पिछले कई दिनों से तेज धूप और 40 डिग्री से ऊपर बने तापमान के बीच लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी हवाएं सक्रिय होते ही इन जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
प्रदेश के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, जींद, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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तापमान गिरेगा, लेकिन उमस बढ़ा सकती है परेशानी (Haryana Monsoon Update)
बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण कुछ इलाकों में उमस का असर भी महसूस किया जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का सिलसिला शुरू होने के बाद मौसम पहले की तुलना में काफी सुहावना हो जाएगा।
किसानों के लिए राहत लेकर आएगा मानसून
प्रदेश के किसानों की नजरें भी मानसून पर टिकी हुई हैं। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी जरूरी होती है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान, बाजरा, कपास और अन्य फसलों की खेती को गति मिलेगी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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मौसम विभाग की सलाह, लापरवाही न करें
तेज बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें और जरूरी होने पर ही यात्रा करें। वाहन चालकों को भी फिसलन वाली सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
अगले चार दिन रहेंगे मौसम के लिहाज से अहम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली बारिश पूरे प्रदेश के मौसम का रुख तय कर सकती है। यदि अनुमान के अनुसार मानसून सक्रिय रहता है तो जलस्रोतों में पानी बढ़ेगा, खेती को फायदा मिलेगा और लोगों को लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
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