Haryana News: रेवाड़ी: किसी ने ठीक ही कहा है सच्चाई की हमेशा जीत होती है। लंबे संघर्ष के बाद बाद आखिरकार सच्चाई उजागर होने पर बडा फैसला आया है। पिछले कई सालों से संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता संजय शर्मा द्वारा वर्ष 2018 में ESIC गुरुग्राम को दी गई शिकायत पर माननीय न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
8 साल पहले किया था केस दायर
संजय शर्मा ने 11.01.2018 को RTI के माध्यम से दस्तावेज प्राप्त कर 06.04.2018 को ESIC उप क्षेत्रीय कार्यालय, गुरुग्राम को लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सूरज स्कूल, रसगण, रेवाड़ी द्वारा कर्मचारियों के ESIC अंशदान जमा नहीं किए जा रहे हैं। समाजसेवी संजय शर्मा ने ESIC विभाग गुरुग्राम से स्कूल का निरीक्षण करने व उनके रिकॉर्ड्स की जाँच कर स्कूल के ख़िलाफ़ उचित क़ानूनी कार्यवाही करने की लिखित माँग की थी। तत्पश्चात ESIC द्वारा जांच के उपरांत केस नं. COMA/128/2018 माननीय CJM कोर्ट, रेवाड़ी में दायर किया गया।
माननीय CJM कोर्ट का ने सुनाया बडा फैसला
माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती जोगिंद्री ने सुनवाई के पश्चात आरोपी हरीश प्रसाद, चेयरमैन, सूरज स्कूल, रसगण को दोषी करार दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ₹30,000 की राशि का परिवीक्षा बंधपत्र एक जमानती सहित 6 माह की अवधि के लिए प्रस्तुत करे। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी को ₹20,000 वाद व्यय ESIC को अदा करने का भी आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश अनुसार परिवीक्षा बंधपत्र प्रस्तुत किए गए तथा वाद व्यय की राशि भी जमा कराई गई। अदालत के इस फैसले से स्कूल के चेयरमैन की नींद उड गई है।

“मैं ESIC गुरुग्राम एवं माननीय न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूं। यह फैसला साबित करता है कि कर्मचारियों के हक को दबाया नहीं जा सकता।” “एक सामाजिक कार्यकर्ता के नाते मैं पुनः कहता हूं कि गरीब वंचित कर्मचारियों/मजदूरों के हक से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।”













