धारूहेड़ा के शिव मंदिर में करवाया हवन, जानिए हवन के फायदे !

On: July 5, 2026 11:53 AM
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धारूहेड़ा के शिव मंदिर में करवाया हवन, जानिए हवन के फायदे

धारूहेड़ा: सेक्टर-6 स्थित प्राचीन शिव मंदिर में रविवार को हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में पुजारी दीपक शर्मा ने हवन करवाया तथा बुराईयो से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया। कमेटी सरंक्षक इंद्रपाल मुकदम ने मंदिर कमेटी ओर से मंदिर में हवन करवाया गया।

पंडित के मंत्रोच्चारण के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया । इस मौके पर सुख-समृद्धि व शांति की कामना की गई। दीपक शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण, बुराईयो से दूर रहने, एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प दिलाया।

 

धारूहेड़ा: सेक्टर छह प्राचीन शिव मंदिर में हवन करते हुए
धारूहेड़ा: सेक्टर छह प्राचीन शिव मंदिर में हवन करते हुए

हवन करवाने के क्या है फायदे

  • हवन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री (जैसे कपूर, गंधक, औषधीय जड़ी-बूटियाँ) जब जलती हैं, तो उससे निकलने वाला धुआं हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट कर देता है।
  • वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, जब आम की लकड़ी और गाय के शुद्ध घी का मिश्रण जलता है, तो वातावरण में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन और फॉर्मलाडेहाइड जैसी गैसें मुक्त होती हैं, जो पर्यावरण को शुद्ध बनाती हैं।
  • हवन का धुआं एक प्राकृतिक कीटनाशक (Natural Insecticide) की तरह काम करता है, जिससे घर के आस-पास से मच्छर और अन्य छोटे कीड़े भाग जाते हैं।
  • हवन के दौरान निकलने वाली सुगंध और मंत्रों की ध्वनि मस्तिष्क की नसों को शांत करती है। इससे मानसिक तनाव, एंग्जायटी (चिंता) और डिप्रेशन जैसी समस्याओं में कमी आती है।
  • हवन करवाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और एक शांत व सकारात्मक माहौल बनता है, जिससे परिवार के सदस्यों का मन प्रसन्न रहता है।

 

धारूहेड़ा: सेक्टर छह प्राचीन शिव मंदिर में हवन करते हुए
धारूहेड़ा: सेक्टर छह प्राचीन शिव मंदिर में हवन करते हुए

 

  • सीमित और शुद्ध मात्रा में औषधीय धुएं को सांस के जरिए अंदर लेने से फेफड़े और श्वसन तंत्र (Respiratory System) साफ होते हैं।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में नियमित या विशेष अवसरों पर हवन करवाने से कुंडली के नौ ग्रह शांत होते हैं और उनके अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  • शास्त्रों के अनुसार, अग्नि देव के माध्यम से ही देवताओं तक आहुति पहुंचती है। हवन करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि व शांति का वास होता है।
  • यदि घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष है, तो मंत्रोच्चारण और हवन के धुएं से वह दोष समाप्त हो जाता है।
  • इस मौके पर कमेटी सरंक्षक इंद्रपाल मुकदम, प्रधान अशोक, उपप्रधान दिनेश, कोषाध्यक्ष उपेंद्र यादव, शिवकुमार, अशोक वर्मा, माया देवी आदि मौजूद रहे।
    धारूहेड़ा: सेक्टर छह प्राचीन शिव मंदिर में हवन करते हुए

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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