Haryana News: हरियाणा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य के कई शहरों में उनके नाम पर सड़कों और पार्कों का नामकरण करने के साथ-साथ प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमाएं स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके जीवन और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान से परिचित कराना है।
23 जून से शुरू होगा विशेष अभियान
प्रदेशभर में 23 जून से विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जो 6 जुलाई तक जारी रहेंगे। इस दौरान विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अंबाला बनेगा सबसे बड़े आयोजन का गवाह
प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम अंबाला में आयोजित किए जाने की तैयारी है। ऐतिहासिक रूप से यह स्थान डॉ. मुखर्जी से जुड़ा माना जाता है। इसी कारण यहां बड़े पैमाने पर आयोजन कर उनकी विचारधारा और योगदान को लोगों तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है।
सार्वजनिक स्थानों को मिलेगी नई पहचान
योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में कई प्रमुख सड़कों और पार्कों को नया नाम दिया जा सकता है। साथ ही महत्वपूर्ण चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। इससे लोगों को उनके जीवन और कार्यों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
बूथ से लेकर जिला स्तर तक होंगे कार्यक्रम
अभियान को व्यापक बनाने के लिए बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर पर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को भी जनसंपर्क अभियान के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
युवाओं को जोड़ने पर रहेगा विशेष जोर
आयोजनों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सरकार और संगठन का मानना है कि युवा वर्ग को देश के प्रमुख राष्ट्रनिर्माताओं के विचारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
राजनीतिक और सामाजिक रूप से अहम माना जा रहा अभियान
विशेषज्ञों के अनुसार यह अभियान केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जनभागीदारी और वैचारिक संवाद से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आने वाले दिनों में इसके तहत कई और घोषणाएं भी सामने आ सकती हैं।













