Haryana News: ड्रग्स कंट्रोल विभाग के द्वारा हरियाणा के गुरुग्राम से एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। यह डॉक्टर का ही सालों से कई निजी अस्पतालों में कंपाउंडर का काम कर चुका है और पिछले कई सालों से बिना किसी डिग्री के डॉक्टर बंद कर लोगों का इलाज कर रहा था। गुड़गांव में अपना खुद का क्लीनिक बनाकर यह डॉक्टर लोगों का इलाज करके लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था।
ड्रग्स कंट्रोल विभाग के द्वारा इस डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है और इसके पास से 36 ऐसी दवाइयां बरामद हुई है इसके दस्तावेज इसके पास मौजूद नहीं है।
सूचना मिलने के बाद ड्रग्स कंट्रोलर डॉ सुरेश वर्मा, मेडिकल ऑफिसर डॉ ओम प्रकाश, डॉ महेश चंद आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर, डॉ राम प्रकाश रॉय एपिडमोलॉजिस्ट की एक टीम गठित सिविल सर्जन द्वारा कर मौके पर भेजा गया। जब टीम मौके पर पहुंची तो यहां कथित डॉक्टर मिराज आलम एक मरीज का इलाज कर रहा था। ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने डॉक्टर से उसके सर्टिफिकेट की मांग की लेकिन डॉक्टर सर्टिफिकेट नहीं दे पाया इसके बाद मेडिकल ऑफिसर के टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
12वीं पास है नकली डॉक्टर
अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक तौर की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी 12वीं पास है और वह कई वर्षों तक अलग-अलग निजी अस्पतालों में बतौर कंपाउंडर व वार्ड बॉय के तौर पर नौकरी करता रहा है। यहां से उसे दवाओं के बारे में जानकारी मिल गई और करीब एक वर्ष से उसने यहां पर क्लीनिक बनाया हुआ था और मरीजों का इलाज कर रहा था।





















