Train news: उत्तर पश्चिम रेलवे ने सालासर सुपरफास्ट ट्रेन के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया है। यह निर्णय बीकानेर मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलवे ट्रैक पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और चूरू से दुधवाखारा स्टेशनों के बीच दोहरीकरण कार्य को लेकर लिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार इस कार्य के दौरान ऑटोमैटिक सिग्नलिंग के लिए ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके चलते ट्रेन संचालन में यह परिवर्तन जरूरी हो गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी दी कि 21 जनवरी से 24 जनवरी तक सालासर सुपरफास्ट ट्रेन अपने नियमित मार्ग चूरू के बजाय रेवाड़ी-डेगाना मार्ग से संचालित की जाएगी। बदले हुए मार्ग के दौरान ट्रेन का रींगस, नीमकाथाना, फुलेरा और कुचामन स्टेशनों पर भी ठहराव रहेगा, जिससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा मिल सकेगी।
यह ट्रेन दिल्ली से सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर प्रस्थान करती है और शाम 5 बजकर 50 मिनट पर जोधपुर पहुंचती है। वहीं वापसी में जोधपुर से सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर चलकर रात 10 बजकर 25 मिनट पर दिल्ली के सराय रोहिल्ला स्टेशन पहुंचती है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि समय सारिणी में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, केवल मार्ग में परिवर्तन किया गया है।
सालासर सुपरफास्ट ट्रेन हरियाणा और दिल्ली क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। बड़ी संख्या में यात्री इसी ट्रेन से सालासर बालाजी के दर्शन के लिए यात्रा करते हैं। आमतौर पर श्रद्धालु दिल्ली या हरियाणा से चूरू तक ट्रेन से पहुंचते हैं और इसके बाद निजी वाहनों या अन्य साधनों से सालासर बालाजी जाते हैं। मार्ग परिवर्तन के कारण कुछ यात्रियों को असुविधा हो सकती है, लेकिन रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और कार्य पूरा होते ही ट्रेन को पुनः अपने पुराने मार्ग से चलाया जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के बदले हुए मार्ग और ठहराव की जानकारी अवश्य ले लें, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। प्रशासन का कहना है कि दोहरीकरण और सिग्नलिंग कार्य पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की गति और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा, जिससे भविष्य में यात्रियों को बेहतर रेल सेवाएं मिल सकेंगी।

















