Breaking News: पश्चिमी दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गेलरी सेल (Anti-Burglary Cell) ने एक सक्रिय भगोड़ा और इनामी सेंधमारी के आरोपी नैम को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता (Delhi News) हासिल की है। डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि नैम मेरठ उत्तर प्रदेश का निवासी है और उसे 16 मई को द्वारका कोर्ट ने भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। उसकी गिरफ्तारी पर 50000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया था। Breaking News
करीब एक साल पहले द्वारका के सेक्टर 19 में रहने वाले सुभाष चंद पांडे के घर भारत वंदना अपार्टमेंट में सेंधमारी हुई थी। इस मामले में सेक्टर 23 पुलिस ने पहले ही दो सेंधमारी करने वालों वसीम उर्फ चपटा फरजंद अली और सुनार मनीष को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन चोरी गए आभूषण बरामद नहीं हो पाए थे। इसके बाद यह केस एंटी-बर्गेलरी सेल को सौंपा गया। Breaking News
इंस्पेक्टर विवेक मैंडोला के नेतृत्व में एसआई विनोद कुमार एएसआई राजेश कुमार हेड कांस्टेबल अनिल कांस्टेबल राहुल और आशीष की टीम ने नैम और उसके साथी अकील की खोज शुरू की। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की गई। इनाम घोषित होने के बावजूद टीम ने एक साल तक नैम की तलाश जारी रखी।
सूचना मिली कि नैम राजस्थान के (Rajasthan News) सीकर जेल में एक अन्य सेंधमारी मामले में बंद है। प्रॉडक्शन वारंट के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। दो दिन की पुलिस हिरासत में उसकी निशानदेही पर मेरठ के घर से सोने के आभूषण और लगभग 80 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद हुआ।
पूछताछ में पता चला कि शादी के बाद नैम को शराब और जुए की लत लगी जिससे वह कर्ज में डूब गया और पैतृक घर बेच दिया। कर्ज के दबाव में उसने वसीम फरजंद अली और अकील के साथ मिलकर दिल्ली उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चोरी-चकारी शुरू कर दी। नैम पर पहले से आर्म्स एक्ट सेंधमारी और चोरी के छह मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन जोड़ी सोने की बालियां तीन अंगूठियां दो लॉकेट दो जोड़ी टॉप्स एक झुमका और 80 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया है। पुलिस की यह कार्रवाई बड़े अपराधी को पकड़ने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।











