रेवाड़ी नगर परिषद ने 7 दुकानें और गोदाम सील कर दिए। बत दे कि टीपी स्कीम के तहत बनी रिहायशी कॉलोनियों में कॉमर्शियल गतिविधियां नहीं चलाई जा सकती। लोगो ने कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के चलते टीपी स्कीम कॉलोनी निवासी प्रेमलता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी । याचिका दायर करते हुए नपा टीम हरकत में आई ओर दुकनें व गोदाम सील कर दिएं
बता दे कि रेवाड़ी नगर परिषद ने यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के दबाव में की हो, परंतु इससे अवैध रूप से कॉमर्शियल गतिविधि करने वालों में हड़कंप मच गया। लोगो का आरोप है प्रशासन ने अब कोर्ट के डर से कार्रवाई की है जबकि पहले कई बार शिकायत की तो कोई सुनवाइ नहीं कीं

10 अगस्त को देना था जबाव
हाईकोर्ट ने प्रेमलता बनाम हरियाणा सरकार CWP 29432- 2017 को स्वीकार किया। जिस पर सुनवाई करते हुए नगर परिषद को 10 अगस्त को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। सुनवाई से 5 दिन पहले हरकत में आए नगर परिषद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 7 दुकानें और गोदाम सील कर दिए।
जानकारी के अनुसार टीपी स्कीम के तहत बनी रिहायशी कॉलोनियों में कॉमर्शियल गतिविधियां नहीं चलाई जा सकती। जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पिछले कुछ समय से नियमों को ताक पर रखकर दुकान और गोदामों का संचालन किया जा रहा था।
जिसके खिलाफ टीपी स्कीम कॉलोनी निवासी प्रेमलता ने हाईकोर्ट में याचिका दाय की। जिसमें टीपी स्कीम के तहत चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की।
जानिए क्या विवाद
नगर परिषद की टीम ने गोदाम और दुकानों को सील कर दिया है भविष्य में जो भी ऐसे क्षेत्रों में कॉमर्शियल एक्टिविटीओं का संचालन करेगा या सील तोड़ेगा, उनके खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी भी दी। बता दे कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के दबाव में की गई है।














