Toll Tax: नई दिल्ली (राष्ट्रीय समाचार): देश के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले आम वाहन मालिकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सरकार अब निजी वाहनों (Private Vehicles) से बार-बार टोल टैक्स वसूलने की मौजूदा व्यवस्था को बदलने पर विचार कर रही है।Toll Tax:
सरकार का प्लान है कि कार, जीप और वैन जैसे गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मासिक (Monthly) और वार्षिक (Annual) पास की सुविधा शुरू की जाए, जिससे लोगों को हर टोल प्लाजा पर रुककर टैक्स चुकाने के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके।
निजी वाहनों के लिए क्यों आ रहा है एनुअल पास?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके पीछे का गणित समझाते हुए बताया कि पूरे देश में होने वाले कुल टोल कलेक्शन में निजी कारों और वाहनों की हिस्सेदारी केवल 26 प्रतिशत है। जबकि टोल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 74 फीसदी केवल वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) जैसे ट्रक और बसों से आता है।
यही वजह है कि सरकार निजी वाहनों के लिए एक फिक्स सालाना पास (जैसे ₹3,000 में 200 ट्रिप्स का विकल्प) लाने की तैयारी में है। इससे सरकार को राजस्व का कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा और मध्यम वर्ग के लोगों को भारी बचत होगी।Toll Tax:
गांवों के बाहर शिफ्ट होंगे टोल बूथ
ग्रामीण इलाकों के लोगों को टोल टैक्स से बचाने के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नितिन गडकरी ने साफ किया कि अब देश के सभी टोल संग्रह बूथों को गांवों की सीमा से बाहर स्थापित किया जाएगा। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह है कि स्थानीय ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में रोजाना आने-जाने के लिए किसी भी तरह की बाधा या बेवजह टोल टैक्स का सामना न करना पड़े।
FASTag की जगह लेगा नया GNSS सैटेलाइट सिस्टम
नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार बहुत जल्द देश में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित टोल संग्रह प्रणाली लागू करने जा रही है।
फास्टैग से बेहतर: यह नई सैटेलाइट आधारित तकनीक मौजूदा फास्टैग (FASTag) इकोसिस्टम से कई गुना बेहतर और आधुनिक होगी।
दूरी के हिसाब से टैक्स: इस सिस्टम के तहत हाईवे पर लगे फिजिकल टोल प्लाजा और बूम बैरियर धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। आपकी गाड़ी हाईवे पर जितने किलोमीटर चलेगी, सैटेलाइट ट्रैक करके सिर्फ उतनी ही दूरी का टोल सीधे आपके बैंक खाते से काट लेगा।
पायलट प्रोजेक्ट सफल: हरियाणा के पानीपत-हिसार खंड (NH-709) और कर्नाटक के बेंगलुरु-मैसूर खंड (NH-275) पर इस सैटेलाइट टोल प्रणाली का सफल ट्रायल (Pilot Study) पहले ही किया जा चुका है।
टोल लाइनों और ट्रैफिक जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति
इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पीक ऑवर्स के दौरान शहरों और घनी आबादी वाले कस्बों के पास टोल प्लाजा पर लगने वाला लंबा जाम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2018-19 के दौरान टोल प्लाजा पर एक गाड़ी का औसत वेटिंग टाइम 8 मिनट हुआ करता था।
- फास्टैग आने के बाद यह घटकर मात्र 47 सेकंड रह गया है।
- लेकिन नए GNSS (सैटेलाइट) सिस्टम और सालाना पास लागू होने के बाद वाहनों का वेटिंग टाइम 0 सेकंड हो जाएगा, क्योंकि गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकना ही नहीं पड़ेगा।













