हरियाणा : CM नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के मासिक वेतन में 2,100 रुपये की भारी बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले की आधिकारिक घोषणा करते हुए राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि अब ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को हर महीने मिलने वाला मानदेय बढ़ा दिया गया है।
सरकार के इस कदम के बाद अब ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन 16,000 रुपये से बढ़कर 18,100 रुपये हो जाएगा। सरकार का यह फैसला इसी महीने यानी 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू माना जाएगा।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी बोले- “हड़ताल के दौरान किया वादा निभाया”
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा:“पिछले दिनों ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सरकार ने उनसे वेतन बढ़ाने का एक वादा किया था। हमारी सरकार ने अपना वही वादा पूरा करते हुए इस वेतन वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारियों और उनकी एसोसिएशनों में खुशी की लहर है।”
मंत्री बेदी ने इस जनहितैषी फैसले के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष रूप से आभार भी जताया।
Haryana Govt Decision: इस फैसले की 5 सबसे बड़ी बातें
- ₹2,100 की सीधी बढ़ोतरी: कर्मचारियों के मासिक मानदेय में प्रति माह 2,100 रुपये का इजाफा किया गया है।
- अब मिलेगा ₹18,100 वेतन: पहले मिलने वाले 16,000 रुपये की जगह अब कर्मचारियों के खाते में हर महीने 18,100 रुपये आएंगे।
- 1 जुलाई 2026 से लागू: यह बढ़ी हुई सैलरी चालू महीने (जुलाई 2026) से ही लागू कर दी गई है।
- वादा पूरा: कर्मचारियों की पुरानी हड़ताल के समय सरकार ने जो आश्वासन दिया था, उसे अमलीजामा पहना दिया गया है।
- कर्मचारियों में उत्साह: इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने वाले कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी।
चुनाव और आंदोलन के बीच सरकार का मास्टरस्ट्रोक
जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन और आक्रोश मार्च निकाल रहे थे। ऐसे में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वेतन में सीधे 2,100 रुपये की बढ़ोतरी करके सरकार ने कर्मचारियों की नाराजगी को शांत करने और उन्हें एक बड़ा वित्तीय लाभ देने का काम किया है।













