Rewari Political News: रेवाड़ी की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हाल के दिनों में हुए कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक आयोजनों ने यह संकेत दिया है कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के समर्थकों के बीच मतभेद अभी खत्म नहीं हुए हैं। अब यह विवाद केवल मंचों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि कार्यक्रमों के पोस्टरों और संगठन की मौजूदगी में भी इसकी झलक साफ दिखाई देने लगी है।
पोस्टरों में बदली तस्वीर, बढ़ी राजनीतिक चर्चा
हाल ही में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए जारी पोस्टरों में कई बड़े नेताओं को प्रमुखता से स्थान दिया गया। इनमें केंद्रीय कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रदेश के अन्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के साथ मंत्री आरती राव की तस्वीरें शामिल थीं। हालांकि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह का फोटो पोस्टर से नदारद रहा। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कार्यक्रमों से भी दिखी दूरी
बीते कुछ दिनों में रेवाड़ी क्षेत्र के कई सामाजिक और सरकारी कार्यक्रमों में भी यही तस्वीर देखने को मिली। कुछ आयोजनों में भाजपा संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं दिखे, जबकि दूसरे गुट के नेताओं की सक्रियता अधिक नजर आई। इससे यह चर्चा तेज हो गई कि पार्टी के भीतर अलग-अलग खेमों के बीच दूरी पहले की तुलना में और बढ़ गई है।
गुडियानी कार्यक्रम बना चर्चा का केंद्र (Rewari Political News)
कोसली क्षेत्र के गुडियानी गांव में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में भी राजनीतिक समीकरण चर्चा में रहे। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, लेकिन स्थानीय विधायक की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे। इस दौरान पूर्व मंत्री विक्रम यादव ने राव नरबीर सिंह के साथ मंच साझा किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में नए संकेत तलाशे जाने लगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मंच भविष्य की रणनीतियों का भी संकेत दे सकते हैं।
बूढ़पुर और लाखनौर के कार्यक्रमों ने बढ़ाई अटकलें
वन विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन के दौरान भी कई प्रशासनिक अधिकारी तो पहुंचे, लेकिन भाजपा संगठन के कई प्रमुख चेहरे दिखाई नहीं दिए। इससे यह चर्चा और मजबूत हुई कि संगठन और कुछ नेताओं के बीच समन्वय पहले जैसा नहीं रह गया है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कार्यकर्ताओं के बीच भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
राव नरबीर ने दिया संतुलित जवाब
कार्यक्रमों में नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर जब राव नरबीर सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार का विवाद खड़ा करने से बचते हुए कहा कि जो कार्यक्रम में आते हैं उनका भी स्वागत है और जो नहीं आ पाते उनका भी सम्मान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता संगठन का हिस्सा हैं तथा भाजपा की मजबूती ही उनकी प्राथमिकता है।
आगे क्या होंगे राजनीतिक संकेत?
रेवाड़ी में लगातार सामने आ रहे घटनाक्रमों ने भाजपा की स्थानीय राजनीति को नई चर्चा दे दी है। पोस्टरों में नेताओं की मौजूदगी, कार्यक्रमों में भागीदारी और संगठन की सक्रियता को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि पार्टी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यदि दोनों पक्ष एक मंच पर नजर आते हैं तो इन चर्चाओं पर विराम लग सकता है, लेकिन फिलहाल रेवाड़ी की सियासत में यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों का सबसे चर्चित विषय बना हुआ है।













