Rewari Breaking News: हरियाणा में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों (MPHW) ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि कई वर्षों से कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष लगातार आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अब संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
5 जुलाई को रेवाड़ी में होगा प्रदेश स्तरीय रोष प्रदर्शन
एसोसिएशन की राज्य प्रधान शर्मिला ने बताया कि आगामी 5 जुलाई को रेवाड़ी स्थित स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के आवास के बाहर प्रदेश स्तरीय रोष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल होंगे।
संगठन का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान कर्मचारियों की लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है। आंदोलन की तैयारी को लेकर जिला स्तर पर भी बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की जा रही है।
बातचीत के बाद भी समाधान नहीं मिलने का दावा
एसोसिएशन का कहना है कि उसने हमेशा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत और आपसी सहमति का रास्ता अपनाया। कई बार विभागीय अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा भी हुई, लेकिन कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
संगठन का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इसी वजह से कर्मचारियों ने अब आंदोलन का रास्ता चुना है ताकि सरकार तक उनकी आवाज मजबूती से पहुंच सके।
नियमितीकरण और समान वेतन सहित कई मांगें प्रमुख
एसोसिएशन ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की नीति लागू करना शामिल है। इसके अलावा समान कार्य के लिए समान वेतन, FPL-6 के अनुसार वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि, यात्रा भत्ता, मातृ एवं शिशु देखभाल भत्ता तथा सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ लागू करने की भी मांग की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि ये सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इन पर सकारात्मक फैसला लिया जाना जरूरी है।
22 सूत्रीय मांगपत्र लागू करने की भी उठी मांग
संगठन ने सरकार से अपने 22 सूत्रीय मांगपत्र को लागू करने की अपील की है। इसमें IPHS मानकों के अनुसार समाप्त किए गए शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के पदों को दोबारा बहाल करना, स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदनाम में बदलाव करना और प्रमोशनल पे-स्केल लागू करना जैसी मांगें शामिल हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील
स्वास्थ्य कर्मचारियों के संगठन ने राज्य सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए ताकि आंदोलन की नौबत आगे न बढ़े। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल 5 जुलाई को रेवाड़ी में होने वाला प्रदर्शन इस आंदोलन की पहली बड़ी कड़ी माना जा रहा है, जिस पर पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों की नजर बनी हुई है।












