गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

धारूहेड़ा के ओमनगर में ब्लास्ट मामले में पुलिस जांच पर उठे सवाल! निर्दोष को राहत या अवैध गैस रिफिलिंग माफिया को छूट ? पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट

Written by: Harsh Rajput

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धारूहेड़ा / रेवाड़ी (Best24News): धारूहेड़ा के ओम नगर स्थित एक मकान में बुधवार शाम हुए भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में 6 लोग…


धारूहेड़ा के ओमनगर में ब्लास्ट मामले में पुलिस जांच पर उठे सवाल!
धारूहेड़ा के ओमनगर में ब्लास्ट मामले में पुलिस जांच पर उठे सवाल!
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धारूहेड़ा / रेवाड़ी (Best24News): धारूहेड़ा के ओम नगर स्थित एक मकान में बुधवार शाम हुए भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में 6 लोग बुरी तरह झुलस गए थे, जिनमें से दो की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। लेकिन घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी ओमनगर में ब्लास्ट  को लेकर  पुलिस द्वारा कोई सख्त कानूनी कार्रवाई या एफआईआर (FIR) दर्ज न किए जाने से स्थानीय निवासियों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

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कितना भयानक था धमाका? दीवार तोड़कर काउंटर तक पहुंचा सिलेंडर

बता दे कि ओम नगर स्थित एक किराए के मकान के पास हीर परचून की दुकान की हुई है। पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश निवासी मोनू ने यह मकान किराए पर लिया हुआ था। आगे परचून (किराना) की दुकान चलाई जाती थी और पिछले हिस्से में बने कमरे में श्रमिक रहते है।

बुधवार शाम छोटे सिलेंडर में अचानक भयानक धमाका हो गया। धमाका इतना भीषण था कि सिलेंडर कमरे की दीवार को तोड़ते हुए आगे दुकान के काउंटर तक जा पहुँचा। हादसे में वैशाली (बिहार) निवासी अभय, उमर, विनय, चंदन, पिंटू और मन्नू झुलस गए थे। इनमें से गंभीर रूप से झुलसे अभय और चंदन को रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर किया गया था, जहां उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

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जांच पर उठे 3 बड़े सवाल: पुलिस को ‘थ्योरी’ हजम क्यों नहीं हो रही?

निर्दोष पर कार्रवाई न होना पुलिस की अच्छी और मानवीय पहल हो सकती है, लेकिन इस पूरे मामले की जांच जिस दिशा में जा रही है, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि जिस कॉलोनी (ओम नगर) में यह ब्लास्ट हुआ, वहीं कुछ समय पहले ही कमर्शियल और डोमेस्टिक सिलेंडरों की कालाबाजारी के चलते अवैध सिलेंडर जब्त किए गए थे। यह साबित करता है कि इलाके में रिफिलिंग का अवैध नेटवर्क सक्रिय है। भले ही ब्लास्ट वाला मामला इससे दूर हो।

छोटा सिलेंडर आखिर क्यों फटा?: सवाल यह है कि अगर सिलेंडर गुणवत्ता मानक पर सही था तो फटा क्यों? वह सिलेंडर अवैध, घटिया या अवैध रिफिलिंग के अत्यधिक प्रेशर के कारण ही फटा था। पुलिस जांच के दौरान मौके पर एक ही सिलेंडर मिलने की बात सामने आ रही है, जिससे पुलिस को छोटे सिलेंडर रिफिलिंग की थ्योरी हजम नहीं हो रही है।

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धारूहेड़ा में नहीं थम रहा अवैध गैस रिफिलिंग का खतरनाक खेल

भले ही पुलिस ने किसी को सीधे दोषी न ठहराया हो, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि धारूहेड़ा में अवैध रूप से छोटे सिलेंडरों में गैस भरने का ‘मौत का खेल’ बंद नहीं हुआ है।

आज भी धारूहेड़ा के कई रिहायशी इलाकों, घनी आबादी वाली कॉलोनियों और परचून की दुकानों पर बिना किसी सुरक्षा मानकों के सरेआम गैस रिफिलिंग का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। यह अवैध काम आसपास रहने वाले मासूम लोगों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है।

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जनता का सवाल: क्या धारूहेड़ा में खत्म होगा यह जानलेवा खेल?

ओम नगर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की नींद पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी बड़े अग्निकांड का इंतजार किया जा रहा है? क्या पुलिस और खाद्य आपूर्ति विभाग धारूहेड़ा में जारी अवैध गैस रिफिलिंग नेटवर्क पर कोई कठोर कार्रवाई करेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

Harsh Rajput
About the Author Harsh Rajput

मै हर्ष चौहान Best24News में बतौर राइटर कार्यरत हूं। रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by Harsh Rajput →

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