Rewari News: जिले में जिला Consumer Court ने एक नामी बिस्कुट निर्माता कंपनी पर अपने प्रोडक्ट में मक्खी मिलने के कारण ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पर नौ प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। यह मामला उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत दर्ज किया गया और यह दर्शाता है कि उपभोक्ताओं के हित की रक्षा के लिए अदालतें कितनी सजग हैं।
रेवाड़ी के रहने वाले रमन कुमार ने 12 मार्च 2024 को शहर के एक मॉल से पारले कंपनी का बिस्कुट खरीदा। घर पहुँचकर बिस्कुट खोलने पर देखा कि एक बिस्कुट में मक्खी है। बारीकी से देखने पर यह स्पष्ट था कि मक्खी बिस्कुट बनाने की मशीन की डाई के साथ बिस्कुट में शामिल हो गई थी। इसके बाद रमन ने 14 मार्च 2024 को मॉल और बिस्कुट कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता न्यायालय में वाद दायर किया।
कोर्ट में बहस और कंपनी का पक्ष
कोर्ट में मॉल और कंपनी दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखा। मॉल ने दावा किया कि सील पैक बिस्कुट उनके द्वारा बेचे जाते हैं, इसलिए उनका कोई दोष नहीं है। दूसरी ओर, बिस्कुट निर्माता कंपनी ने कहा कि उनके सभी प्रोडक्ट साफ-सुथरे और FSSAI अप्रूव्ड हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया कि मक्खी बिस्कुट खोलने के बाद चिपकाई गई हो सकती है।
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता कैलाश चंद ने अपने पक्ष में कहा कि बिस्कुट में मक्खी स्पष्ट रूप से बिस्कुट बनाने की मशीन की डाई के साथ जुड़ी हुई थी, और इसे बाद में बिस्कुट पर चिपकाना संभव नहीं था। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट को यह भी चुनौती दी कि यदि कंपनी यह साबित कर सके कि मक्खी बाद में चिपकाई गई है, तो वे बिस्कुट पर ऐसा प्रदर्शन करें।
न्यायालय का निर्णय और आदेश
सभी पक्षों की जिरह और सबूतों की समीक्षा के बाद जिला उपभोक्ता न्यायालय ने बिस्कुट निर्माता कंपनी को दोषी पाया। न्यायालय ने कंपनी पर ढाई हजार रुपए का जुर्माना, लिटिगेशन चार्ज, और शिकायत की तारीख से जुर्माने की राशि पर नौ प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया। यह निर्णय उपभोक्ताओं के हक में एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है और यह कंपनियों को गुणवत्ता बनाए रखने और उपभोक्ता सुरक्षा को गंभीरता से लेने का संदेश देता है।

















