Haryana news: धारूहेड़ा: शहर की स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बास रोड पर स्थित मुख्य नाला लंबे समय से गंदगी से भरा पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीते दो वर्षों से नगर पालिका द्वारा नाले की नियमित सफाई नहीं कराई गई, जिससे नाला पूरी तरह जाम हो गया है। नागरिकों को बदबू, मच्छरों और बीमारी का खतरा झेलना पड़ रहा है। पार्षदों और नागरिकों की शिकायतों के बावजूद सफाई के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा स्वच्छता और जागरूकता अभियानों का आयोजन केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गया है। प्रशासन द्वारा मीडिया के लिए फोटो कार्यक्रम किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। मानसून पूर्व सफाई के नाम पर जिन नालों, नालियों, सीवरों और जल निकासी मार्गों की सफाई कागजों में दिखाई गई, वे मौके पर गंदगी से अटे मिले।
लोगों ने प्रशासन से सवाल उठाया है कि मानसून पूर्व सफाई के लिए धारूहेड़ा शहर में सरकार और स्थानीय संसाधनों से कितना बजट खर्च किया गया और वह पैसा आखिर कहां गया। शहर में घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी पूरी तरह सुचारू नहीं है और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। बास रोड और सोहना रोड पर सफाई के ठेके होने के बावजूद नाले आज भी कीचड़ से भरे हैं। दो माह पहले शहरी विकास मंत्री विपुल गोयल ने जन परिवेदना बैठक में नालों की सफाई के निर्देश दिए थे, लेकिन आरोप है कि नगर पालिका ने उन आदेशों को भी गंभीरता से नहीं लिया। नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका में 132 सफाई कर्मचारियों की संख्या केवल कागजों तक सीमित है।
धारूहेड़ा: गंदगी से अटा नाला
Haryana news: धारूहेड़ा में नाला जाम, कागजों में स्वच्छता जमीन पर गंदगी
By Best24News
On: March 21, 2026 7:31 PM





















