Gorakhpur-Panipat Greenfield Expressway: 22 जिलों को जोड़ेगा 750 किमी लंबा हाईवे

On: March 1, 2025 11:20 AM
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Greenfield Expressway

Gorakhpur-Panipat Greenfield Expressway: भारत सरकार देश की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हरियाणा के पानीपत तक 750 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 22 जिलों को आपस में जोड़ेगा, जिससे यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए दिल्ली की आईसीटी (ICT) फर्म को कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया है। यह फर्म न केवल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगी, बल्कि भूमि सीमा निर्धारण और निर्माण की योजना भी बनाएगी।

गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की विशेषताएं

  • कुल लंबाई: 750 किलोमीटर
  • संयुक्त राज्य: उत्तर प्रदेश और हरियाणा
  • कनेक्टेड जिले: 22
  • निर्माण अवधि: 3 वर्ष
  • प्रस्तावित शहर: गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और पानीपत।

यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होकर पानीपत तक जाएगा, जो हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक जिला है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, गोरखपुर से हरिद्वार की यात्रा केवल 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी।

यात्रा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शहरों को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि इससे व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। खासकर पानीपत, जो अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए प्रसिद्ध है, वह अब यूपी के पिछड़े जिलों से सीधा जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, किसानों और उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के औद्योगिक केंद्रों के बीच तेजी से माल ढुलाई संभव होगी, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और बाज़ार तक उत्पादों की पहुंच आसान होगी।

तीन वर्षों में पूरा होगा निर्माण कार्य

NHAI के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को कई चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए पहले विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसमें निर्माण लागत और आवश्यक संसाधनों का मूल्यांकन किया जाएगा।

इसके बाद, निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया (Tender Process) शुरू होगी। चयनित कंपनियों को तीन वर्षों के भीतर गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करना होगा।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का क्या होगा लाभ?

  1. यात्रा का समय घटेगा – गोरखपुर से हरिद्वार मात्र 8 घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
  2. औद्योगिक क्षेत्रों को फायदा – पानीपत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नए बाज़ार मिलेंगे।
  3. रोजगार के नए अवसर – निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
  4. पर्यटन को बढ़ावा – उत्तर प्रदेश और हरियाणा के धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
  5. कृषि और व्यापार को बढ़ावा – किसान और व्यापारी तेजी से अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचा सकेंगे।

गोरखपुर से पानीपत तक बनने वाला 750 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच की यात्रा को सुगम बनाएगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। यह परियोजना देश की आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को तीन वर्षों के भीतर पूरा करना है, जिससे उत्तर भारत में एक नई सड़क क्रांति की शुरुआत होगी।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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