चंडीगढ़ : राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार के वाइस चेयरमैन सरदार हरदीप सिंह गिल, लखन लाल मीणा संयुक्त सचिव, क्षेत्रीय अधिकारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) ने सामाजिक संस्था ‘मेरा देश-मेरी विरासत’ के संस्थापक डॉ. बालकृष्ण मल्होत्रा को उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए ‘एक्सिलेंस डायनमिक अवार्ड’ से सम्मानित किया। यह भव्य कार्यक्रम नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित कांस्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया नई दिल्ली में आयोजित किया गया जिसमें देश भर के प्रतिष्ठित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
यह सम्मान डॉ. बालकृष्ण मल्होत्रा को देश की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोडऩे के लिए किए गए विशेष प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। गौरतलब है कि डॉ. बालकृष्ण मल्होत्रा इससे पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं। उनकी पहचान एक ऐसे समाजसेवी के रूप में बनी है जिन्होंने आधुनिकता की दौड़ में लुप्त होती जा रही भारतीय विरासत को सहेजने का बीड़ा उठाया है।

उनके कार्य न केवल हरियाणा में बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक हैं। प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं आचार्य डॉ. मनजीत महाराज उर्फ डॉ. मनजीत सिंह दहिया राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय अनुसूचित जाति पिछड़ा एकता मंच ने बताया कि डॉ. बालकृष्ण मल्होत्रा ने अपनी कई वर्षों की मेहनत और समर्पण से पुराने सिक्कों, प्राचीन डाक टिकटों और ऐतिहासिक महत्व की सैकड़ों वस्तुओं का अनमोल संग्रह तैयार कर पूरे देश में अपनी विशेष पहचान बनाई।
समाजसेवी डॉ. मनजीत सिंह दहिया ने बताया कि आज के समय में कि पुरानी वस्तुओं को संग्रहित करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। इस युग में डॉ. बालकृष्ण मल्होत्रा ने सामाजिक संस्था ‘मेरा देश-मेरी विरासत’ संगठन के माध्यम से रोहतक में निजी संग्राहलय 263, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी में स्थापित कर न केवल पुरानी यादों को जीवंत किया है बल्कि आने वाली पीढिय़ों को अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरुक भी करता है। संग्राहलय में रखी गई वस्तुएं भारत और विशेषत: हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करती है। संग्राहलय में आने वाले दर्शक देश-प्रदेश की विरासत को करीब से महसूस कर पाते हैं। डॉ. बालकृष्ण मल्होत्रा का मानना है कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति और इतिहास से होती है यदि हम अपनी जड़ों को भूल जाते हैं तो हमारी पहचान कमजोर हो जाती है।
इसी सोच के साथ वे लगातार लोगों को अपनी विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से ही कई युवा भी इस दिशा से रुचि दिखा रहे हैं और अपनी संस्कृति, सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं ‘मेरा देश-मेरी विरासत’ संस्था के माध्यम से वे विभिन्न कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और जागरुकता अभियानों का आयोजन समय-समय पर करते रहते हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को संदेश दिया जाता है कि पुरानी वस्तुएं केवल इतिहास का हिस्सा नहीं बल्कि वे हमारी पहचान और गर्व का प्रतीक भी है। एक्सिलेंस डायनमिक अवार्ड से सम्मानित किए जाने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
देश व प्रदेश की कई सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के अलावा एच.बी. धवन, सेवानिवृत इंजीनियर सीमा सडक़ संगठन, सुभाष मलिक, डॉ. मुकेश शर्मा सेवानिवृत रेलवे अधिकारी, हरज्ञान सिंह सेवानिवृत इंजीनियर, रामफल सिंह सेवानिवृत बैंक मैनेजर, नरेश कुमार दुआ प्राचार्य एस.जे.के. कॉलेज कलानौर, सुरेंद्र मल्होत्रा पानीपत, चरण जीत धवन एडवोकेट दिल्ली, चैन सिंह मुरलिया, दीपा चौपड़ा हांसी, डॉ. रमेश देहराज मुख्य संपादक दैनिक उजाला आज तक, रोशन लाल जांगड़ा सेवानिवृत इंजीनियर रेलवे मंत्रालय भारत सरकार, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी गुलशन शर्मा, भाट समाज सेवा समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष मनोहर लाल सांकला भाट, आर. जागलान, जे.पी. गौड़ रक्तदाता प्रेरक, पंडित संदीप पाठक, सतीश मल्होत्रा, मोहन लाल, सतिन्द्र सिंह रिटायर्ड इंजीनियर व सत्यवीर वाल्मीकि भराण आदि ने भी डॉ. बाल्कृष्ण मल्होत्रा को बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।





















