Bawal Fire News, Best24News हरियाणा के जिला रेवाड़ी के बावल औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक बार फिर जीएलएस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सबसे अहम बात यह है कि बाव में महज 10 दिनों के भीतर दूसरी फैक्ट्री में आग लगी है। आगजनी को लेकर कंपनियों में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों बार बार आग लग रही है। कहीं न कही कपनयों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते ही ऐसा हो रहा है।
दोपहर लगी भंयकर आग: बता दें मंगलवार को दोहपर रेवाड़ी के बावल औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर पांच में स्थित जीएलएस फैक्ट्री में दोपहर अचानक तेज धमाके के साथ आग लग गई। इतना ही नहीं जब कंपनी मे फायर टीम कोई उपाया करती, देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कैमिकल कंपनी होने के चलते आग तेजी से भडक गई।

सुरक्षा उपकरणों की खुली पोल: कंपनी स्थापित करते समय कंपनी में फायर को लेकर एनओसी लेनी पडती है इतना ही आग से निपटने के लिए सारे उपकरण दिखाने पडते है ताकि आग लगने पर उसे रोका जा सके।
तेजी से भडकी आग: बता दे आग लगते ही पहले फैक्ट्रियों में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम से आग बुझाने की हुई कोशिश की गई लेकिन आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री में रखा कच्चा माल, मशीनें और तैयार माल में पहुंच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की रेवाड़ी बावल धारूहेडा व आस पास कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।
सूचना पाकर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और हालात पर नजर रखी जा रही है। हादसे में कई कर्मचारियों के झुलसने की भी सूचना है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि अभी तक घायलों की सही संख्या सामने नहीं आई है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

वहीं कंपनी को इस हादसे में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं । गनीमत यह रही कि आग की लपटें देख फैक्ट्री के सभी कर्मचारी बाहर भाग गए। सूचना मिलते ही रेवाड़ी, बावल व मानेसर से 10 से अधिक दमकल की गाडियां मौके पर पहुंच बचाव कार्य में जुट गईं। बता दे कि फिलहाल किसी कर्मचारी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बावल एसडीएम व भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया है।
10 दिन में दूसरी बार लगी आग: बता दे कि बावल में इससे पहले भी छह मई को औद्योगिक क्षेत्र के इसी सेक्टर में एक अन्य फैक्ट्री में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। तेजी से हो रही आगजनी की घटनाओं से उद्योग संचालकों और प्रशासन की चिंता बढा ही है।
















