हरियाणा में होगी झमाझम बारिश, देखे मौसम विभाग का अलर्ट

On: September 23, 2026 9:53 PM
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मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 सितंबर के बीच राज्य के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 सितंबर के बीच राज्य के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना

हरियाणा: दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बीच हरियाणा में एक बार फिर मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। उत्तर भारत में सक्रिय होने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 26 सितंबर से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने शुरू हो सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 सितंबर के बीच राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

दो दिन होगी तेज बारिश: मौसम में बदलाव का असर राजस्थान से लगते दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम हरियाणा के जिलों में अधिक देखने को मिल सकता है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़-नारनौल क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से दिन के तापमान में कुछ राहत मिलने और रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

फिलहाल प्रदेश में दिन के समय तेज गर्मी बनी हुई है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। राजस्थान के ऊपर बने प्रति-चक्रवाती परिसंचरण के कारण हवाओं की दिशा में बदलाव हुआ है और उत्तर-पश्चिम से गर्म व शुष्क हवाएं मैदानी क्षेत्रों की ओर पहुंच रही हैं।

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को अगले दो-तीन दिनों तक फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचने और बारिश की संभावना के दौरान रासायनिक दवाओं का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार नमी बढ़ने पर कपास की फसल में सफेद मक्खी और गुलाबी सुंडी का प्रकोप बढ़ सकता है।

धान की फसल को लेकर भी खेतों की लगातार निगरानी करने की सलाह दी गई है। किसानों को तना छेदक और पत्ता लपेटक कीट के लक्षणों पर नजर रखने तथा खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी नहीं भरने को कहा गया है। तेज हवा के साथ बारिश होने पर धान की फसल गिरने का खतरा बढ़ सकता है।

रात को मीठी ठंड ने दी दस्तक: वहीं, रात के समय मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। हिसार के सादलपुर में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की विदाई के दौरान आसमान साफ रहने और हवा में नमी कम होने से रात में जमीन की गर्मी तेजी से बाहर निकलती है। इसे रेडिएटिव कूलिंग कहा जाता है, जिसके कारण रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलती है।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

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