कुरुक्षेत्र: हरियाणा भ्रष्टाचार पर लगाम नही लग रही है। जिन लोगो भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी है वे भी स्वयं भ्रष्टाचार कर रहे है। ऐसा ही एक मामला कुरूक्षेत्र मे आया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) की कुरुक्षेत्र यूनिट ने हरियाणा CID में तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार को कथित तौर पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ACB के अनुसार यह कार्रवाई 20 सितंबर को कुरुक्षेत्र के उमरी चौक पर ट्रैप लगाकर की गई।
5 लाख रूपए की थी उिमांड: एसीबी के मुताबिक, करनाल निवासी एक ट्रांसपोर्टर ने शिकायत दी थी कि इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने शुरुआत में खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के लिए प्रति वाहन 10 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग की थी। शिकायत के अनुसार बातचीत के बाद 19 सितंबर को करीब 70 वाहनों के लिए प्रति वाहन 7 हजार रुपये प्रतिमाह की रकम पर सहमति बनी और कुल मासिक राशि करीब 5 लाख रुपये तय की गई।
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने उमरी चौक पर ट्रैप लगाया। अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता ने जैसे ही आरोपी को 5 लाख रुपये दिए, टीम ने राजेश कुमार को मौके पर पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान राजपत्रित अधिकारी और शैडो गवाह की मौजूदगी की बात भी सामने आई है।
मामला दर्ज कर जांच शुरू: टीम के अनुसार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आरोपी पर यमुनानगर से करनाल के बीच खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों को बिना रोक-टोक चलने देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।













