रेवाड़ी। माजरा एम्स में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान AIIMS के श्रेय को लेकर राजनीति गरमा गई। श्रेय को लेकर हुई ब्यान बाजी सोशल मीडियां पर वायरल हो रही है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी एवं हरियाणा की मंत्री आरती राव से जब एम्स के श्रेय राव इंद्रजीत सिंह को दिया।
आरती राव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह लंबे समय से क्षेत्र में AIIMS की मांग उठाते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मांग को मंजूरी दी और अब माजरा में एम्स का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार एम्स की मांग को लेकर राव इंद्रजीत सिंह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने का प्रयास करते थे। आरती राव के अनुसार राव इंद्रजीत सिंह और जेपी नड्डा की भूमिका से क्षेत्र को एम्स मिला।

पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने जानिए क्या कहा: पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि AIIMS का पूरा श्रेय किसी एक व्यक्ति को देना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि एम्स की घोषणा वर्ष 2015 में हुई थी। उस समय बावल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने AIIMS की मांग रखी गई थी और उन्होंने परियोजना को आगे बढ़ाने का काम किया।

डॉ. बनवारी लाल ने एम्स संघर्ष समिति और किसानों के आंदोलन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि AIIMS के लिए राव इंद्रजीत सिंह की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मंजूरी से लेकर जमीन उपलब्ध कराने और अन्य अड़चनें दूर करने तक अलग-अलग स्तर पर कई लोगों ने प्रयास किए। उन्होंने कहा कि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने और उसे आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
नवंबर से शुरू हो सकती है OPD
आरती राव ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि राव इंद्रजीत सिंह AIIMS की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि नवंबर से AIIMS माजरा में OPD शुरू करने की तैयारी है। वहीं 1 अक्टूबर से 50 सीटों के साथ पहला बैच शुरू होने की बात भी कही गई।

विधानसभा चुनाव में भी दिखी थी खींचतान
AIIMS के श्रेय को लेकर सामने आई बयानबाजी के बीच वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव का घटनाक्रम भी चर्चा में है। बावल विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर राव इंद्रजीत सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं। राव इंद्रजीत सिंह डॉ. कृष्ण कुमार के नाम के पक्ष में थे, जबकि मनोहर लाल बनवारी लाल के समर्थन में बताए गए थे। बाद में भाजपा ने बनवारी लाल का टिकट काटकर डॉ. कृष्ण कुमार को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीता।












