टाय टाय फीस हुई हरियाणा में “मुखबिर पुरस्कार योजना”

On: September 15, 2026 2:31 PM
Follow Us:

हरियाणा: अवैध भ्रूण लिंग गिरोह को पकडवाने के किए चलाई गई “मुखबिर पुरस्कार योजना” (Informer Scheme) कागजों में ही दम तोड गई। आलम यहां तक है अवैध भ्रूण लिंग गिरोह हर साल सक्रिय हो रहा है। अकेले रेवाड़ी में पांच साल के दौरान अवैध भ्रूण लिंग जांच के आरोप में 10 दलालो का काबू किया है। अगर पूरे हरियाणा की बात करें तो ये आकडा से 100 से ज्यादा पहुंच गया है।

कागजो में दम तोड रही योजना: अवैध भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाई गई “मुखबिर पुरस्कार योजना” (Informer Scheme) की जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भ्रूण लिंग परीक्षण की गुप्त सूचना देने वालों को ₹1 लाख से ₹3 लाख तक की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया था। इस योजना का लक्ष्य सूचना तंत्र को मजबूत करना और कन्या भ्रूण हत्या रोकना था। लेकिन रेवाड़ी में आज तक एक भी ऐसा आदमी सामने नहीं आया है जिससे ये पुरष्कार लिया हो।

फिर पकडे दो दलाल: रविवार को पानीपत-सोनीपत की संयुक्त टीम ने रेवाड़ी के माडल टाउन स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारकर दो दलालों को पकड़ा था। दोनों आरोपितों रामनिवास और राहुल गुरुग्राम के पटौदी के रहने वाले हैं। राहुल का सोनीपत एक गर्भवती से संपर्क हुआ था। उसने रेवाड़ी में नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति से संपर्क कर 65 हजार रुपये में सौदा कर लिया।

इसके बाद जब दोनों डिकाय पेशेंट को अल्ट्रासाउंड पर लेकर पहुंचे तो टीम ने दबोच लिया। पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विद्या सागर ने बताया कि गिरोह में शामिल अलग-अलग जिलों और प्रदेश के लोग पकड़े जाते रहे हैं। इनका आपसी नेटवर्क होता है। हमारी टीमें हर समय इस प्रकार के मामलों को लेकर अलर्ट रहती है। सूचना मिलने पर हम भी दूसरे जिलों में जाकर छापेमारी करते हैं।

वर्ष 2023: 60 हजार में जांच का सौदा

वर्ष 23 फरवरी 2023 को झज्जर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेवाड़ी में कार्रवाई कर दो लोगों को पकड़ा था। दोनों पर 60 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच कराने का सौदा तय करने का आरोप था। डिकाय मरीज के जरिए बावल निवासी वेदप्रकाश और तुलाराम विहार निवासी पवन से संपर्क किया गया था। दोनों लैब टेक्नीशियन बताए गए और जांच के लिए कानोड गेट स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र जाने की तैयारी में थे।

वर्ष 2022: गुरुग्राम से राजस्थान तक ले गए

24 फरवरी 2022 को रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग ने दो लोगों को भ्रूण लिंग जांच कराने के आरोप में पकड़ा था। इस मामले में नेटवर्क का संपर्क गुरुग्राम से बताया गया। आरोपित पहले डिकाय मरीज को गुरुग्राम ले गए और वहां से धारूहेड़ा होते हुए राजस्थान के टपूकड़ा पहुंचाया। 45 हजार रुपये का सौदा होने के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई कर दी।

वर्ष 2020: दूसरे नेटवर्क तक पहुंचा मामला

एक अक्टूबर 2020 को रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के लिए टीम ने रेवाड़ी के एक युवक के जरिए नेटवर्क तक पहुंच बनाई। सौदा तय होने के बाद दूसरे नेटवर्क के लोगों से संपर्क कराया गया। डिकाय मरीज को पहले गाजियाबाद बुलाया गया और इसके बाद दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। अंत में उसे गुरुग्राम लाकर वैन में अल्ट्रासाउंड कराने का प्रयास किया गया। इसी दौरान टीम ने छापा मारकर चार लोगों को पकड़ लिया। आरोपितों में दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम के रहने वाले लोग भी शामिल थे।

वर्ष 2019: खेत में बने मकान को बनाया ठिकाना

28 मार्च 2019 को गुरुग्राम की टीम ने रेवाड़ी के खोल क्षेत्र में चल रहे इंटरस्टेट भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में आठ लोग पकड़े गए थे। भ्रूण जांचने का काम गांव ढाणी कोलाना के खेत में ट्यूबवेल पर बने मकान में चलता था। गिरोह में शामिल दूसरे जिले के लोग अपने-अपने क्षेत्र से पेशेंट को यहां लाकर अल्ट्रासाउंड करते थे।

रेवाड़ी में दलाल सक्रिय: रेवाड़ी मे दलाल सक्रिय है जिनके रेवाड़ी के अलावा दूसरे राज्यों से तार जुडे हुए है। ये गिरोह जिस जिले का केस होता है उसे वही नही बल्कि दूसरी जगह बुलाकर जांच करवाते है ताकि किसी को काई शक नही हों। इसस पहले धारूहेड़ा में एक अस्पताल में ऐसा केस पकडा था।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now