रेवाड़ी प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: दो सगी बहनों का बाल विवाह रुकवाया, राजस्थान से आनी थी बारात

On: July 17, 2026 7:03 PM
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रेवाड़ी प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: दो सगी बहनों का बाल विवाह रुकवाया, राजस्थान से आनी थी बारात

रेवाड़ी (Best24News): जिला रेवाड़ी के गांव हासावास में जिला प्रशासन ने समय रहते एक बड़ी मुस्तैदी दिखाते हुए दो नाबालिग बहनों का बाल विवाह रुकवा दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने दोनों युवतियों के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उनके नाबालिग होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को कानूनी कार्रवाई का पाठ पढ़ाया, जिसके बाद परिवार ने लिखित में आश्वासन देकर शादी को रोक दिया।

22 जुलाई को राजस्थान से आनी थी बारात

पुलिस ने बताया कि गांव हासावास की रहने वाली इन दो सगी बहनों की शादी आगामी 22 जुलाई 2026 को होनी तय हुई थी। दोनों बहनों का रिश्ता राजस्थान में किया गया था। घर में शादी की तैयारियां बड़े जोरों-शोरों से चल रही थीं और कई रिश्तेदार भी घर पहुंच चुके थे। इसी बीच जिला प्रशासन को किसी मुखबिर ने इन दोनों लड़कियों के नाबालिग होने की गुप्त सूचना दे दी।

ऐन वक्त पर पहुंची टीम, जांच में खुली पोल

शिकायत मिलते ही जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा, ईएसआई प्रमोद बागड़ी और महिला सिपाही अनिता की एक संयुक्त टीम शुक्रवार को तुरंत गांव हासावास स्थित शादी वाले घर पहुंची। टीम ने वहां पहुंचकर तुरंत दोनों लड़कियों के जन्म प्रमाण-पत्रों (Birth Certificates) की गहनता से जांच की।

जांच में ये भी सामने अया कि एक लड़की की उम्र शादी की कानूनी उम्र से 2 साल कम थी। जबकि दूसरी लड़की की उम्र निर्धारित सीमा से 4 महीने कम पाई गई।इसके बाद परिवार ने प्रशासन को लिखित में भरोसा दिया कि वे दोनों बेटियों की शादी उनके पूरी तरह बालिग (18 वर्ष) होने के बाद ही करवाएंगे। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही टीम वापस लौटी।

परिजनों ने दिया लिखित आश्वासन

लड़कियों के नाबालिग मिलने पर टीम ने परिवार के सदस्यों को बाल विवाह निषेध कानून के सख्त प्रावधानों और सजा के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और कानूनी कार्रवाई के डर के बाद परिजनों को अपनी गलती का अहसास हुआ।

DC अभिषेक मीणा की आम जनता से सख्त अपील

संज्ञान लेते हुए रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनन अपराध है। देश में लड़कियों की न्यूनतम विवाह योग्य आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसे दो साल तक की कड़ी सजा और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

डीसी ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत आपातकालीन नंबर 112, संबंधित मजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर इसकी सूचना दें ताकि ऐसी शादियों केा रोका जा सके।

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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