खाटूश्यामजी: श्री श्याम मंदिर कमेटी (रजि.) ने श्याम भक्तों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। सूचना के माध्यम से बताया है 20 जुलाई 2026 (सोमवार) को श्री श्याम प्रभु की विशेष सेवा पूजा एवं तिलक कार्यक्रम के कारण मंदिर में आम दर्शन बंद रहेंगे। यानि 19 जुलाई 2026 की रात 10 बजे से 20 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे तक श्री श्याम प्रभु के आम दर्शन बंद रहेंगे।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा इसी अनुसार निर्धारित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था विशेष धार्मिक अनुष्ठान को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए की गई है।

मंदिर बंद को लेकर सूचना जारी
जारी सूचना के अनुसार 19 जुलाई 2026 की रात 10 बजे से 20 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे तक श्री श्याम प्रभु के आम दर्शन बंद रहेंगे। इस दौरान केवल विशेष सेवा पूजा और तिलक की धार्मिक प्रक्रियाएं संपन्न होंगी। मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे 20 जुलाई को शाम 5 बजे के बाद ही दर्शन के लिए पहुंचें तथा मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं में सहयोग करें।
मंदिर कमेटी का कहना है कि विशेष अवसरों पर बाबा श्याम की सेवा, श्रृंगार और तिलक की परंपरा के तहत समय समय पर आम दर्शन कुछ घंटों के लिए बंद रखे जाते हैं। ऐसे में जो श्रद्धालु खाटू श्याम धाम आने की योजना बना रहे हैं, वे निर्धारित समय का ध्यान रखते हुए अपनी यात्रा तय करें।
खाटू श्याम मंदिर की विशेषता
खाटू श्याम जी मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित है। यह महाभारत के पात्र बर्बरीक (खाटू श्याम) को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र हिंदू तीर्थस्थल है। इसे अक्सर “हारे का सहारा” और “शीश के दानी” के रूप में जाना जाता है।
बताते है कि भगवान कृष्ण ने बर्बरीक को उनकी महानता और शीश दान के बदले कलियुग में ‘श्याम’ नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था। मंदिर में बर्बरीक के शीश की पूजा की जाती है। मंदिर की १३ सीढ़ियों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
यह मंदिर सीकर जिले में स्थित है। आपके वर्तमान स्थान रेवाड़ी से खाटू श्याम मंदिर की सड़क मार्ग से दूरी लगभग १७५ से १८५ किलोमीटर है। मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीकर-रींगस रेलखंड पर खाटू श्याम जी के पास एक नया रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा की गई है।
यहाँ साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन फाल्गुन महीने (फरवरी-मार्च) में लगने वाले वार्षिक मेले के दौरान करोड़ों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।मंदिर के समय, दर्शन व्यवस्था, और ऑनलाइन दान से संबंधित अधिक जानकारी आप shrishyammandir पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।













