India First Hydrogen Train: जींद से चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, डॉ. सतीश खोला ने बताया ‘आत्मनिर्भर भारत’ का ऐतिहासिक कदम

On: July 14, 2026 9:56 PM
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India First Hydrogen Train: जींद से चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रे

India First Hydrogen Train: हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेन (Hydrogen-Powered Train) की शुरुआत को भारत के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत ऊर्जा, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी एक नई और मजबूत पहचान बना रहा है। इस ट्रेन का हरियाणा में सं​चालित होना बडी ही गर्व की बात है।

पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार को बढावा

डॉ. सतीश खोला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह हरियाणा और पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हरियाणा के जींद जिले से शुरू होने जा रहा है। यह केवल एक नई रेल सेवा नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट होता है कि भारत अब पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

2070 तक ‘नेट-जीरो’ कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य में मील का पत्थर

बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2070 तक नेट-जीरो (Net-Zero) कार्बन उत्सर्जन का बड़ा लक्ष्य दिया है। हाइड्रोजन ट्रेन इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होगी। पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में यह ट्रेन पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। क्योंकि इसके संचालन से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगां। इससे केवल पानी तथा जलवाष्प (Water Vapor) का उत्सर्जन होगा।

 

सीएम नायब सिंह सैनी के प्रयासों की सराहना
डॉ. खोला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हरियाणा लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के बेहतर समन्वय के कारण हरियाणा को अनेक बड़ी परियोजनाओं में प्राथमिकता मिल रही है। जींद से इस अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत भी इसी विकासवादी सोच का प्रत्यक्ष परिणाम है।

परियोजना के फायदे

प्रदूषण से मुक्ति: डीजल इंजनों की तुलना में शून्य कार्बन उत्सर्जन।
मेक इन इंडिया को मजबूती: भारतीय रेलवे के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित।
अर्थव्यवस्था को बल: विदेशी ईंधनों (क्रूड ऑयल) पर निर्भरता कम होगी, जिससे देश का राजस्व बचेगा।

 

अंत में डॉ. सतीश खोला ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता इस गौरवशाली पल की साक्षी बनकर गौरवान्वित है। जींद से 17 जुलाई को शुरू होने वाला यह सफर देश के विकास, हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के नए युग की शुरुआत के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा।

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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