IGU Rewari : इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर में परीक्षा परिणामों (Results) में लगातार आ रही गड़बड़ियों और रिवैल्यूएशन में देरी को लेकर विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे सैकड़ों विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार हंगामा किया। छात्र हितों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध जाहिर किया। पहले मांगो को लेकर तीखी बहस हुई। बाद में हंगामे होने पर बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सकारात्मक संवाद के बाद छात्रों की सभी प्रमुख मांगें मान ली गईं।

एक ही विषय में सैकड़ों छात्र हुए फेल, फूटा गुस्सा
बता दें कि आंदोलन में प्रदेश के कई सरकारी और निजी महाविद्यालयों (Colleges) के छात्र बड़ी संख्या में एकजुट होकर पहुंचे थे। छात्र नेता रवि मसीत ने बताया कि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में बड़ी खामियां हैं, जिसके कारण एक ही विषय में बहुत बड़ी संख्या में छात्रों को फेल घोषित कर दिया गया। इसी से नाराज छात्र एकजुट हुए थे। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। मामला बिगडता हुआ देखकर प्रशासन ने मांगो को लेकर बैठक आयोजित की गई। जिसके बाद विश्वविद्यालय अधिकारियों, छात्र प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।

जानिए क्या थी मांगे
- रिजल्ट, मार्कशीट और डिग्री में होने वाली गलतियों को यूनिवर्सिटी अपनी जिम्मेदारी पर समय रहते ठीक करे।
- छठे सेमेस्टर के री-अपीयर (Re-appear) छात्रों को स्पेशल चांस दिया जाए ताकि उनका पूरा एक साल बर्बाद होने से बच सके।
- रिवैल्यूएशन और मुख्य परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय हो।
- माइग्रेशन सर्टिफिकेट, सभी प्रकार की फीस जमा करने की प्रक्रिया और भुगतान की रसीद पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ी जाए।
- छात्रों की समस्याओं की ऑनलाइन सुनवाई के लिए एक प्रभावी ग्रिवांस पोर्टल बनाया जाए।
छात्रों की हुई बड़ी जीत, प्रशासन ने दिया आश्वासन
छात्रों के भारी विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति जताई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी हितैषी बनाने के लिए नियमानुसार जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर राहुल, राकेश, शिवराज, हरीश, कुणाल, आशीष सहित भारी संख्या में छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।













