रेवाड़ी: लंबे इंतजार के बाद हुई मानसून की पहली जोरदार बारिश ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही नगर की जल निकासी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। करीब डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्ग तालाब जैसे नजर आए।
हालात ऐसे बने कि वीआईपी इलाकों, सरकारी आवासों और व्यस्त बाजारों तक में पानी भर गया। कई जगह लोगों को घंटों तक जलभराव का सामना करना पड़ा, जबकि यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा।
शहर की सड़कें बनीं जलमार्ग, लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बारिश के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर पानी तेजी से जमा हो गया। निचले इलाकों के साथ-साथ विकसित कॉलोनियां भी जलभराव की चपेट में आ गईं। कई जगह सड़क और नालियों का अंतर खत्म हो गया, जिससे वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। शाम के समय बाजारों और मुख्य चौराहों पर लंबा ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला।
एसडीएम आवास के बाहर भी दिखी जलभराव की तस्वीर
बारिश का असर केवल आम कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहा। बस स्टैंड के पास स्थित एसडीएम आवास के बाहर भी बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। वहीं शहर के कई आवासीय क्षेत्रों में पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच गया। इससे लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित रखने और आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अंडरपास में पानी भरने से प्रभावित हुई आवाजाही
डबल फाटक अंडरपास में भारी जलभराव के कारण यातायात लगभग ठप हो गया। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए पंप लगाकर लगातार पानी निकाला गया, लेकिन देर शाम तक पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। अंडरपास बंद होने से आसपास की कॉलोनियों के लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा।
कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था हुई फेल
मॉडल टाउन, सेक्टर-1, सेक्टर-3, सेक्टर-4, रेलवे रोड, ऑटो मार्केट, भाड़ावास गेट, ब्रास मार्केट और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी बारिश का पानी देर तक सड़कों पर जमा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी सुधारने के दावे किए।












