Haryana News: हरियाणा में HPSC PGT भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर सियासत तेज होती दिखाई दे रही है। सिरसा से सांसद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की बात सुनना और उनके साथ संवाद स्थापित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रख रहे थे, तो प्रशासन को बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए था।
सरकार से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील
कुमारी सैलजा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया और आरक्षण से जुड़े मुद्दे सीधे लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में जल्दबाजी या सख्त कार्रवाई के बजाय संवाद को प्राथमिकता देना अधिक उचित होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि वह उन चिंताओं को गंभीरता से सुने।
धरना हटाने की कार्रवाई पर जताई चिंता
कांग्रेस नेता ने पंचकूला में धरना दे रहे अभ्यर्थियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देर रात धरना स्थल खाली कराने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने जैसी घटनाओं को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उनका मानना है कि यदि किसी मुद्दे पर असहमति है तो उसका समाधान बल प्रयोग से नहीं बल्कि बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला अभ्यर्थियों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर दिया जोर
सैलजा ने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया युवाओं का विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी वर्ग के अभ्यर्थियों को अपनी भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो सरकार को उनकी बात सुनकर नियमों के अनुरूप समाधान तलाशना चाहिए। इससे युवाओं में भरोसा मजबूत होगा और विवाद भी कम होंगे।
उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का सम्मान करते हुए सभी पक्षों के साथ सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए ताकि किसी भी वर्ग को यह महसूस न हो कि उसकी आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
युवाओं के हितों की बात करती रहेगी कांग्रेस (Haryana News)
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी रोजगार, सामाजिक न्याय और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है और आगे भी ऐसे मामलों में अपनी भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषय राजनीति से ऊपर उठकर देखे जाने चाहिए क्योंकि इनका असर प्रदेश के विकास पर भी पड़ता है।
सड़क परियोजनाओं को लेकर मिला सकारात्मक संकेत
इस बीच कुमारी सैलजा ने बताया कि उनके द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष उठाए गए सड़क विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी सकारात्मक प्रगति देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पत्र लिखकर जानकारी दी है कि सिरसा–ऐलनाबाद–रावतसर मार्ग को चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और सिरसा–ऐलनाबाद–हनुमानगढ़ मार्ग से जुड़े प्रस्तावों पर मंत्रालय स्तर पर विचार किया जा रहा है।
पत्र के अनुसार इन परियोजनाओं का मूल्यांकन यातायात, माल परिवहन, क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी परीक्षण और आगे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्षेत्र के विकास को मिल सकती है नई रफ्तार
सैलजा ने कहा कि यदि प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है तो सिरसा, ऐलनाबाद, रावतसर, हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और परिवहन को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन योजनाओं पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सके।













