Breaking News: मानसून की दस्तक से पहले रेवाड़ी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। बारिश के दौरान जलभराव और नालों के ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से बचने के लिए जिले में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है।
प्रशासन ने शहर, बावल और धारूहेड़ा के संवेदनशील इलाकों में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। तय समय के भीतर सफाई कार्य पूरा कराने और हर चरण की निगरानी के लिए अलग-अलग अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है।
अधिकारियों को मिली अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी
जिला प्रशासन की नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक महत्वपूर्ण क्षेत्र को किसी न किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से मौके का निरीक्षण करें, सफाई कार्य की प्रगति की समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि बारिश शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील स्थान पूरी तरह तैयार रहें।
DC खुद करेंगे प्रमुख स्थानों की मॉनिटरिंग
प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी सीधे उपायुक्त स्तर पर रखने का फैसला लिया है। वहीं अन्य प्रमुख ड्रेनों और नालों की जिम्मेदारी अतिरिक्त उपायुक्त, नगर परिषद अधिकारियों और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। इससे हर साइट पर जवाबदेही तय रहेगी और कार्य में तेजी आएगी।
Breaking News: बावल और धारूहेड़ा पर रहेगा विशेष फोकस
रेवाड़ी शहर के साथ-साथ बावल और धारूहेड़ा क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। इन दोनों इलाकों की कुल 30 संवेदनशील साइटों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल निकासी व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए और सफाई कार्य समय पर पूरा होना चाहिए।
सफाई कार्य के लिए पहले ही जारी हो चुके हैं टेंडर
बारिश से पहले नालों और ड्रेनों की सफाई में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए नगर परिषद पहले ही करोड़ों रुपये के टेंडर जारी कर चुकी है। प्रशासन का कहना है कि अब प्राथमिकता सफाई कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने और उसकी लगातार मॉनिटरिंग करने पर रहेगी, ताकि मानसून के दौरान लोगों को राहत मिल सके।
हर साल जलभराव से मिलती रही चुनौती
रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा के कई इलाकों में हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इससे आम लोगों, दुकानदारों और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है और जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे फील्ड में उतारा गया है।
समय पर सफाई पूरी कराने पर रहेगा जोर
प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान शहर में जलभराव की नौबत न आए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्धारित समय सीमा में सफाई कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट भी ली जाएगी, जिससे किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।


















