Haryana News: हरियाणा में मानसून के मौसम को देखते हुए सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या रोकने के लिए नई रणनीति लागू की है। इस बार केवल फाइलों और बैठकों के आधार पर समीक्षा नहीं होगी, बल्कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वयं विभिन्न इलाकों का दौरा कर नालों और ड्रेनेज सिस्टम की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। सरकार का उद्देश्य बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी करना है।
Haryana News: मैदान में जाकर होगी व्यवस्था की जांच
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के प्रमुख नालों और जल निकासी व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सफाई कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा हुआ है और कहीं भी पानी की निकासी में बाधा नहीं है।
ऑनलाइन होगी निगरानी
निरीक्षण के बाद अधिकारी अपनी रिपोर्ट, तस्वीरें और जरूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इससे राज्य स्तर पर कार्यों की निगरानी आसान होगी और किसी भी क्षेत्र की वास्तविक स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।
जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
हर साल जिन इलाकों में बारिश के दौरान पानी भरने की शिकायतें अधिक आती हैं, उन्हें प्राथमिकता सूची में रखा गया है। अधिकारियों को ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को मानसून के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
समय पर पूरे होंगे लंबित कार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नालों की सफाई और जल निकासी से जुड़े सभी अधूरे कार्य बारिश शुरू होने से पहले पूरे किए जाएं। यदि किसी स्थान पर कमी पाई जाती है तो संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा।
आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि समय पर निरीक्षण और लगातार निगरानी से शहरों में जलभराव की घटनाएं कम होंगी। इससे यातायात प्रभावित नहीं होगा और नागरिकों को बरसात के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।













