Parsvnath Society Dharuhera Electricity: धारूहेड़ा : दिल्ली-जयपुर हाईवे (Delhi-Jaipur Highway) पर स्थित धारूहेड़ा की प्रसिद्ध पार्श्वनाथ सोसायटी (Parsvnath Society) में एक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया है। बिजली निगम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सोसायटी का बिजली कनेक्शन काट दिया है। बताया जा रहा है कि सोसायटी पर करीब 70 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था, जिसके चलते निगम ने यह सख्त कदम उठाया है। कनेक्शन कटने के बाद सोसायटी के सैकड़ों फ्लैटों में रहने वाले लोग परेशान हैं।Parsvnath Society Dharuhera Electricity
70 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल था बकाया
बता दे कि 2007 में हाईवे पर पार्श्वनाथ सोसायटी विकसित की गई थी। यहां पर करीब 200 परिवार रह रहे है। बिल्डर पर निगम का करीब 70 लाख रूपए को लंबे समय से बिल बकाया है। इससे तीन महीने पहले भी कनेक्टशन काटा गया था उस समय कुछ पेयमेंट भर दी गई थी। अब बिल नहीं भरने के चलते निगम ने बुधवार रात को सोसायटी का कनैकशन काट दिया गया है। सोसायटी के निवासियों (Residents) का कहना है कि वे हर महीने समय पर अपना मेंटेनेंस और बिजली का चार्ज प्रबंधन को देते हैं। इसके बावजूद प्रबंधन की लापरवाही के कारण आज उन्हें अंधेरे में रहना पड़ रहा है।

मूलभूत सुविधाएं ठप: बिजली कटने की वजह से पानी की सप्लाई, लिफ्ट और कॉमन एरिया की लाइटें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत पार्श्वनाथ सोसायटी (Parsvnath Society) के आरडब्लएू प्रधान सुभाष यादव ने बात की उन्होंने कहा कि सोसायटी में बिजली नहीं है। कनेक्शन क्यों काटा मुझे इस बावत नहीं पता।
बार-बार चेतावनी और नोटिस दिए जाने के बावजूद जब बकाया राशि का भुगतान नहीं दिया जा रहा है। करीब 70 लाख रूप्ए बिल बकाया है। रात को कनेक्शन काट दिया है सुबह शाम पानी के लिए एक एक घंटे बिजली दी जाएगी।
कृष्ण सैनी, एसडीओ विद्वुत निगम धारूहेड़ा
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: धारूहेड़ा की किस सोसायटी का बिजली कनेक्शन काटा गया है और क्यों?
उत्तर: दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित पार्श्वनाथ सोसायटी का बिजली कनेक्शन करीब 70 लाख रुपये का बिल बकाया होने के कारण काटा गया है।
प्रश्न 2: बिजली कनेक्शन कटने से सोसायटी के लोगों को क्या परेशानी हो रही है?
उत्तर: बिजली कटने से सोसायटी में पानी की सप्लाई बंद हो गई है, लिफ्ट ठप हो गई हैं और सैकड़ों परिवारों को भीषण गर्मी में अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।













