GLS Fire News: रेवाड़ी जिले के बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित जीएलएस (GLS COMPANY BAWAL) कंपनी में पाचं दिन दो कर्मचारी के कंकाल मिले है। लापरवाही के चलते तीन श्रमिकों की मौत होने के चलते पुलिस कंपनी मालिक, एचआर हेड और प्लांट हेड सहित अन्य प्रबंधकों पर लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या मामला दर्ज किया है।GLS Fire News
बता दें 19 मई को जीएलएस (GLS COMPANY BAWAL) कैमिकल कंपनी में भीषण आग लगी थी। आगजनी के चलते कंपनी परिसर में 6 कर्मचारी आग में झुलस गए थे। वहीं धर्मेंद्र व सतेंद्र के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इतना ही गंभी रूप से घायल हरि बाबू को दिल्ली रैफर किया गया था जहां पर उपचार के दोरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।GLS Fire News
रविवार को मिले दो कर्मचारियो के कंकाल: 19 मई से दो कर्मचारी लापता चल रहे थे। पाचं दिन चले सर्च अभियान के (GLS COMPANY BAWAL) चलते दो कर्मचारियों के नर कंकाल मिले। अब कंकालों का पोस्टमॉर्टम और डीएनए परीक्षण परिवार के साथ कराकर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि प्रबंधन रिपोर्ट के अनुसार ये धमेंद्र व सतेंद्र हो सकते है। क्योकि घायल हुए छह कर्मयारियो के बाद ये ही दो कर्मचारी गायब थे।

कंपनी प्रबंधन का लगाई फटकार: धारूहेड़ा में दो साल 16 मार्च 2024 को प्रबधन की लापरवाही से ब्लास्ट हुआ था जिसमें बीस दिन के दौरान 14 कर्मचारियो की दर्दनाक मौत हो गई थी। बार बार लापरवाही से हो हरे हादसों के बावजूद प्रबंधन ने सबक नहीं लिया। सबसे अहम बता यह है कंपनी में न तो फायर सिस्टम ठीक था तथा ही सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम थे।
सर्च अभियान में क्यो हुई देरी: जैसे ही टीम कंपनी पहुंची तो कंपनी ओर से कर्मचारियों की सूची (GLS COMPANY BAWAL) और उस ब्लॉक में मौजूद केमिकल्स की जानकारी नहीं दी गई। यानि सब राम भरोसे काम करवाया जा रहा है। जबकि जहां पर हादसा हुआ है वहां टैक्नीकल कर्मचारी ही लग सकते है। समय पर जानकारी समय पर नहीं मिलने कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी देरी हुई। अब कंकाल मिलने पर रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र मीणा ने कंपनी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई थी।GLS Fire News
सिर्फ दिखावा, धरातल पर सुरक्षा नहीं: लोगो का कहना है सरकार की ओर से सुरक्षा विभाग व श्रम विभाग बनाए हुए है। क्या कभी किसी भी कपंनी में सुरक्षा की अनदेखी व कर्मचारियो पर हो रहे अन्याय यानि लापरवाही को लेकर कोई मामला दर्ज किया गया है। जी नहीं केवल हादसा होने के बाद ही जनता को संतुष्ट करने के लिए कार्रवाई की जाती है। सबसे जिस कंपनी में केमिकल काम होता है ओर वहां पर सुरक्षा उपकरण ही सक्रिय नहीं है तो साफ जाहिर कि मनुष्य की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।
चार कर्मचारियो की हालत गंभीर: बता दे कंपनी में आग में झुलसने के कारण दो कर्मचारियों के जले हुए अवशेष पांच दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार रात को निकाले जा सके। वहीं, चार कर्मचारी अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। जो कि 19 मई को आगजनी में झुलस गए थे।GLS Fire News

क्यों होती है कंपनी पास: कोई कंपनी लगाने पर सुरक्षा मापदंउ चैक करने के बाद ही उत्पादन की अनुमति देने को प्रावधान है। लेकिल इस कंपनी में पता चला है कि आग लगने वाले ब्लॉक में इमरजेंसी गेट पर्याप्त बड़ा नहीं था। ऐसा नहीं है कंपनी में कार्यरत कर्मचारियो ने सुरक्षा के लिए कोई मांग नहीं रखी हो कंपनी प्रबंधन ने उचित सुरक्षा उपाय अपनाए होते और कर्मचारियों की बार-बार दी गई सूचनाओं पर ध्यान दिया होता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।GLS Fire News
फायर सिस्टम फेल, बडी अनदेखी: कंपनी में केवल उत्पादन पर ही फोक्स किया जा रहा है। सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। (GLS COMPANY BAWAL) कंपनी में लगा फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा था और किसी भी फायर सिस्टम पाइप में पानी नहीं आ रहा था। इसके अलावा, कंपनी के मैनेजमेंट और उच्चाधिकारियों ने बचाव अभियान के दौरान कोई मदद नहीं की अगर मदद होती तो सर्च अभियान को तेज किया जा सकता था।GLS Fire News




















