धारूहेड़ा: मतदान के बाद अब जगह जगह पार्षदों व चेयरमैन का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वार्ड वाइट मिले डाटा से एक बडा विष्लेष्ण सामने आया है। भजपा को ओवरआल कितने फीसदी मत मिला। किस वार्ड में किसको सबसे ज्यादा वही किसमे कम समर्थन मिला।Dharuhera Voting Analysis
धारूहेड़ा नगरपालिका चुनाव के सामने आए मतदान आंकड़ों में जांगड़ा को सबसे अधिक समर्थन मिलता दिखाई दिया है। कुल 17 हजार 780 मतों में से जांगड़ा को 9 हजार 392 वोट प्राप्त हुए, जो अन्य प्रत्याशियों की तुलना में काफी अधिक हैं। चुनावी आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश वार्डों में जांगड़ा ने मजबूत पकड़ बनाए रखी और कई बूथों पर बड़ी बढ़त हासिल की। राजनीतिक जानकार इसे धारूहेड़ा क्षेत्र में मजबूत जनसमर्थन और संगठनात्मक पकड़ का परिणाम मान रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार बाबूलाल दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 3 हजार 156 वोट मिले। वहीं कुमारी राज को 1817, दिनेश को 1535 और कंवर सिंह को 1246 मत प्राप्त हुए। प्रदीप को 544 वोट मिले, जबकि नोटा पर भी 90 मतदाताओं ने भरोसा जताया।Dharuhera Voting Analysis
अजय जागंडा को कितने फीसदी मिले वोट: चेयरमैन के चुनावों में जीत दर्ज करवाने के बाद वार्ड वाइज डाटा से पता चला है भाजपा को ओवरआल 52.30 फीसदी मतदान मिले है जबकि दूसरे स्थान पर रहे बावूलाल लांबा को 18.29 फीसदी तथा कांग्रेस प्रत्यशी कुमारी राज यादव को महज 10.20 फीसदी ही मतदान पर संतोष करना पडा।

वार्डवार वोटिंग में जांगड़ा को वार्ड 3, 4, 11, 14 और 17 में विशेष बढ़त मिली, जहां उन्हें अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले काफी अधिक मत प्राप्त हुए। दूसरी ओर बाबूलाल को शुरुआती वार्डों में अच्छा समर्थन मिला, लेकिन बाद के वार्डों में वे बढ़त बनाए नहीं रख सके।
भाजपा ने बनाया नया रिकोर्ड: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणामों ने धारूहेड़ा की स्थानीय राजनीति में नया समीकरण तैयार किया है। जांगड़ा की बड़ी बढ़त यह संकेत देती है कि मतदाताओं ने स्थिर नेतृत्व और मजबूत जनसंपर्क के चलते एक बडी छाप छोडी है। भजपा को हर वार्ड में वोट मिले है यानि ऐसा कोई भी वार्ड नहीं है जहां इनको बडा समर्थन नहीं मिला हों।
बाबूलाल क स्कोर बढा: भले ही बाबूलाल लांबा इस बार चेयरमैन के चुनाव में हार गए हो गए हो लेकिन पिछले साल के स्कोर में काफी बढोतरी हुई है। 2020 में बाबूलाल लांबा को2280 मत मिले थे जबकि इस बार उसे 3156 मत मिले है। बाबूलाल ले कांग्रेस व पूर्व चेयरमैर को धूल चटा दी है। निर्दलीय होने के चलते बावूलाल ने अच्छी ग्रोथ की है।Dharuhera Voting Analysis

कंवर सिंह व कांग्रेस को ग्राफ गिरा: इस बार कांग्रेस का ग्राफ काफी गिरा है। 2020 में जहां कुमारी राज को2160 मत मिले थे जबकि इस बार केवल 1817 पर ही संतोष करना पडा है। इतना ही नहीं अगर पूर्व चेयरमैन के मतों की बात करें तो उनका स्कोर तो बहुत ज्यादा ही गिरा है। पिछली बार कंवर सिंह को 3048 मत लेकर जीत दर्ज करवाई थी जबकि इस बार मत 1246 मत मिले है सबसे अहम बात यह है पांच साल चेयरमैन होने के बावजूद जनता ने उसकों कम वोट देकर कही न कहीं उसके विकास नहीं करवाने की सजा दी है।Dharuhera Voting Analysis
दिनेश राव ने पिछले साल चेयरमेन का चुनाव लडा था उस समय उसे 793 मत मिले थे जबकि इस बार उसे 1535 मत मिले है। सबसे अहम बात यह है दिनेश राव के मतों केा इस बार उब्बल ग्रोथ हुई है। उसे पूर्व चेयरमैन कंवर से ज्यादा मत लेने का एक नया रिकोर्ड बनाया है वहीं अन्य प्रत्याशियों को सीमित क्षेत्रों में ही समर्थन मिल सका। चुनावी आंकड़े अब आगामी राजनीतिक रणनीतियों और स्थानीय निकाय की राजनीति में अहम भूमिका निभाएंगे।










