Breaking News: धारूहेड़ा: नगर निकाय चुनावों के चलते 18 वार्ड पार्षद व चेयरमैन के मतगणना कल यानि 13 मई को होगी। धारूहेड़ा नगरपालिका शुरू से ही चर्चा में रही है। ग्राम पंचायत से पहली बार बनी नगरपालिका में पूरे हरियाणा में नया इतिहास बन गया था। एक योजना के तहत यहा पर तीन चेयरमैनों का कार्यकाल रहा, इतना ही नहीं नपा के पहले चेयरमैन पवन राव की ईमानदारी व दंबगता आज भी एक मिशाल मानी जाती है।
बता दे 2008 ग्राम पंचायत से धारूहेड़ा नगरपालिका स्थापित की गई थी। उस समय पहली बार चेयरमैन बने थे। चेयरमैन पवन राव न केवल विकास कार्यो के लिए सर्किय थे वही लोगों में भाईचारा बनाने की भी मिशाल थे। करीब ढाई साल तक कार्यभार के बाद धारूहेड़ा में कालोनियों को नियमित करवाने के विवाद को लेकर उपायुक्त को त्याग पत्र दे दिया था। वह ऐसी कालोनियों के पक्ष में नहीं थी जहा बसासत नही थी। छाव छवि ऐसी की गलत काम करवाने की दबाव पर त्याग पत्र ही दे दिया था।Breaking News
उपचेयरमैन को बनया चेयरमैन’ उस समय नगरपालिका मे सुदंर लाल प्रजापति उपचेयरमैन थे। उसके बाद करीब छह माह सुदंर लाल को नपा का चेयरमैन नियुक्त किया। वही साल के अंत में वार्ड पार्षद सुदेश बोहरा ने चेयरमैन पद पर कार्य किया। एक ही कार्याकाल में तीन चेयरमैन बनने को लेकर आज भी इसका जिक्र किया जाता है।
दबंगता के चलते दिया त्याग पत्र: बता दे उपायुक्त चेयरमैन पवन राव से कुछ अवैध कालोनियों को नियमित करवाना चाहते थे तो नियमित के लायक नहीं थी। जब बार बार दबाब दिया तो चेयरमैन पवन ने यह कहते हुए त्याग पत्र दे दिया कि वह रबड की मोहर नही जो उसे जब चाहे लगा ले।
नपा बिल्डिगं बनाने का श्रेय: बता दे है ये पवन राव जेलदार की ही मेहरबानी व सोच थी उसके अपने कार्यकाल में तीन मंजिला नपा भवन मंजूर करवाया। इससे बडी नगर पपरिषद रेवाड़ी के पास आज तक ऐसा कार्यालय नहीं है। जब कोई नपा कार्यालय आता तो उसे इस सोच का सराहना की जाती है।

















