Rewari News: धारूहेड़ा : मसानी बैराज में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब जनआंदोलन का रूप लेने लगा है। सेवानिवृत्त रेंज फॉरेस्ट अधिकारी कमल यादव के नेतृत्व में मसानी में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अभियान में जिला पार्षद निरंजन, भटसाना के सरपंच भूप सिंह, ब्लॉक समिति सदस्य धीरज सिंह यादव, डूंगरवास के सरपंच नवल सिंह, जीतपुर से रामफल, विजय मास्टर, हनीश शर्मा, वैभव यादव और महिपाल सहित कई लोग शामिल रहे।Rewari News

कृत्रिम झील विकसित के नाम पर किया धोखा: गांव के पंयायत भवन में युवा सरपंच संजय यादव के नेतृत्व हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। नंबरदार राय सिंह की अध्यक्षता 150 से ज्यादा लोगेो ने हस्ताक्षर किए। बता दें मसानी बैराज का निर्माण वर्ष 1977 से 1980 के बीच हुआ था, जब साहबी नदी में पर्याप्त जल प्रवाह होता था। समय के साथ नदी लुप्तप्राय हो गई और वर्ष 2000 के बाद पानी आना बंद हो गया। इसके बाद वन विभाग के सहयोग से बैराज क्षेत्र में कृत्रिम झील विकसित की गई, जिसे नहरी पानी से भरा जाता रहा।

गांवों में खराब हो चुका है भूजलस्तर: उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा बिना उपचारित गंदा पानी बैराज में छोड़ा जाने लगा, जिससे पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया है। हालात यह हैं कि इस पानी के संपर्क में आने से पेड़ सूख गए हैं, पक्षियों की मौत हो रही है और आसपास के गांवों का भूजल भी दूषित हो चुका है। ग्रामीणों में बीमारियों, खासकर कैंसर जैसी शिकायतों में बढ़ोतरी की बात भी सामने आई है।Rewari News

बता दे मसानी बैराज में छोडे जा रहे दूषित पानी को लेकर कमल सिंह की अगुवाई में 5 अप्रैल मे जीतपुरा गांव से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था। उसके बाद धारूहेड़ा के 25 गांवों में यह अभियान चलाया जाना है। बता दे समस्या से परेशान इस अभियान से जुड रहे तथा सरकार की लापरवाह का विरोध कर रहे है। लोगो यह दूषित पानी से बडे परेशान है लेकिन सरकार लोगो की शिकायतों को लेकर गंभीर नहीं है।





















