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Delhi News: जनरल सर्विस रिकॉर्ड ऑफिसर्स कैडर के 74वें स्थापना दिवस पर पुस्तक का विमोचन

On: March 23, 2026 6:10 PM
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जनरल सर्विस रिकॉर्ड ऑफिसर्स कैडर के 74वें स्थापना दिवस पर पुस्तक का विमोचन

Delhi News: कर्नल सी. एस. यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि पूर्व वर्षों की भाँति इस वर्ष कैडर दिवस के अवसर पर डॉ. टी. सी. राव ने सभी सेवानिवृत्त एवं सेवारत रिकॉर्ड अधिकारियों को अपनी नई पुस्तक “Record Officers” एवं “From Dreams to Duty” के साथ-साथ “6 कप-प्लेट” का एक सेट उपहार स्वरूप भेंट किया। इस आयोजन में 150 से अधिक रिकॉर्ड ऑफिसर्स व महिलाओं ने भाग लिया।

कैडर दिवस के अवसर पर दिया उपहार:   उन्होंने यह भी बताया कि डॉ. टी. सी. राव प्रत्येक वर्ष कैडर दिवस के अवसर पर सेवानिवृत्त एवं सेवारत रिकॉर्ड अधिकारियों को विशेष उपहार प्रदान करते रहते हैं। जनरल सर्विस रिकॉर्ड ऑफिसर्स (GSRO) कैडर के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. टी.सी. राव, पीएच.डी., डी.लिट. द्वारा लिखित पुस्तक “Record Officers: Upholders of Trust, Honour and Soldiers’ Welfare” का विधिवत विमोचन किया गया।

इस अवसर पर पुस्तक की प्रथम प्रति लेफ्टिनेंट जनरल वी.पी.एस. कौशिक UYSM YSM SM, एडजुटेंट जनरल, भारतीय सेना को भेंट की गई। साथ ही इस पुस्तक की प्रति लेफ्टिनेंट जनरल राजीव पुरी AVSM, VSM (डीजी एमपी), मेजर जनरल टी. एम. पटनायक SM, VSM (एडीजी), इंस्पेक्टर ऑफ रिकॉर्ड्स ब्रिगेडियर नरेश कुमार VSM तथा ब्रिगेडियर जी. पी. बर्थवाल VSM (पूर्व इंस्‍पेक्‍टर ऑफ रिकॉर्ड्स) को भी भेंट की गई।

सुरक्षा और सेवा में अपना अमूल्य योगदान : पुस्तक की प्रस्तावना ब्रिगेडियर अश्विनी शर्मा, पूर्व इंस्पेक्टर ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा लिखी गई है, जबकि तकनीकी अद्यतन एवं व्यावसायिक सहयोग कर्नल सुनील कुमार यादव एवं कर्नल वीरेंद्र सिंह यादव, दोनों पूर्व रिकॉर्ड ऑफिसर्स द्वारा प्रदान किया गया है।यह पुस्तक जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स (JCOs), अन्य रैंक (OR) तथा वीर नारियों को समर्पित है, जो राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा में अपना अमूल्य योगदान देती हैं।

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यह कृति रिकॉर्ड ऑफिसर्स की “Metamorphosis and Odyssey” अर्थात उनके विकास और परिवर्तन की यात्रा को दर्शाती है, जिसमें स्वतंत्रता पूर्व काल, स्वतंत्रता पश्चात् परिवर्तन तथा आधुनिक डिजिटल युग तक की प्रगति को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में रिकॉर्ड ऑफिसर्स की उस महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया गया है, जिसमें वे भारतीय सेना के अनदेखे योद्धा (Unseen Warriors) के रूप में कार्य करते हुए सेना की मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (Human Resource Management System) की रीढ़ बनते हैं।

 

मानव संसाधन प्रबंधन को समझने के लिए एक उपयोगी दस्तावेज: वे सैनिकों के सम्पूर्ण सेवा काल में उनके अभिलेखों के संरक्षण, अद्यतन, सत्यापन तथा उनके कल्याण और अधिकारों की सुनिश्चितता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अधिकारियों ने इस पुस्तक को रिकॉर्ड ऑफिसर्स के योगदान को पहचान देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताया तथा इसे सेना के प्रशासनिक ढांचे और मानव संसाधन प्रबंधन को समझने के लिए एक उपयोगी दस्तावेज बताया।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

POLICE FIR

Breaking News: सरकारी स्कूलों में नियुक्ति और संस्कृति मंत्रालय के नाम पर फर्जीवाड़ा, “सर्वत्र शिक्षा समिति” पर कई राज्यों में FIR

Breaking News: देशभर में “संस्कार शिक्षक” भर्ती, सरकारी स्कूलों में नियुक्ति और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से प्रोजेक्ट होने के दावों को लेकर विवादों में घिरी “सर्वत्र शिक्षा समिति” पर अब गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में संस्था को लेकर शिकायतें और FIR दर्ज होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।Breaking News

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के भादरा में शिक्षक भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज हुआ है। वहीं हरियाणा के सिरसा जिले से जुड़े मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की चर्चा भी सामने आई थी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी संस्था से संबंधित शिकायतों और FIR की जानकारी सामने आने के बाद कई राज्यों में जांच की मांग तेज हो गई है।

करोड़ों रुपये का सरकारी फंड : शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संस्था द्वारा “संस्कार शिक्षक”, “ब्लॉक सुपरवाइजर”, “जिला प्रभारी” सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां देने के नाम पर युवाओं से पैसे लिए गए। कई लोगों का दावा है कि संस्था ने कथित रूप से एक MOU और दस्तावेज दिखाकर यह प्रचार किया कि उन्हें करोड़ों रुपये का सरकारी फंड प्राप्त होने वाला है तथा सरकारी परियोजनाओं के तहत कार्य किया जा रहा है।

आरोप है कि इन्हीं दावों के आधार पर युवाओं और अभिभावकों को भरोसे में लेकर रजिस्ट्रेशन, आईडी कार्ड, ट्रेनिंग और नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर रकम वसूली गई। कई युवाओं का कहना है कि उनसे पिछले लगभग एक वर्ष से सरकारी स्कूलों में कार्य करवाया गया, लेकिन उन्हें नियमित वेतन या मानदेय नहीं मिला।

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हरियाणा का फतेहाबाद जिला सबसे सक्रिय केंद्र : पूरे मामले में हरियाणा का फतेहाबाद जिला सबसे सक्रिय केंद्र बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरकारी स्कूलों, विशेष रूप से फतेहाबाद जिले के विद्यालयों की तस्वीरें, वीडियो और गतिविधियां दिखाकर लोगों को भरोसे में लिया जाता था। दावा किया जाता था कि संस्था का सरकारी शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार की परियोजनाओं से सीधा जुड़ाव है।

सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी : मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि फतेहाबाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पूर्व में सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए थे कि संबंधित संस्था का शिक्षा विभाग के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। आदेशों में यह भी कहा गया था कि संस्था के नाम पर किसी प्रकार की राशि न ली जाए तथा बिना अनुमति सरकारी स्कूलों में किसी भी प्रकार की नियुक्ति या गतिविधि की अनुमति न दी जाए।

इसके बावजूद आरोप है कि संस्था द्वारा लगातार सरकारी स्कूलों में “संस्कार शिक्षक” नियुक्त करने और नई भर्ती प्रक्रिया चलाने के दावे किए जा रहे हैं। इसी को लेकर अब विभागीय निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के नाम के कथित उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे। कई लोगों का आरोप है कि संस्था द्वारा यह प्रचार किया जा रहा था कि उन्हें Ministry of Culture से प्रोजेक्ट प्राप्त है और उसी आधार पर स्कूलों एवं शिक्षा अभियानों में कार्य चलाए जा रहे हैं।

हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित विभाग से जानकारी लेने पर ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या स्वीकृत प्रोजेक्ट सामने नहीं आया। इसके बाद संस्था पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं और अभिभावकों को गुमराह करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

संस्था की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और शिकायतें : सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया ग्रुप, ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न टीम नेटवर्क के माध्यम से हरियाणा से अन्य राज्यों तक लोगों को जोड़ने का कार्य किए जाने के आरोप हैं। पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड सहित कई राज्यों में भी संस्था की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और शिकायतें सामने आ रही हैं।

कई लोगों ने दावा किया है कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग, चैट, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें प्रशासन को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अब अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और प्रभावित युवाओं ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

⚠️ जनहित में अपील:
किसी भी नौकरी, सरकारी योजना या मंत्रालय से जुड़े प्रोजेक्ट की जानकारी केवल संबंधित सरकारी विभाग और आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापित करें। बिना वैध सरकारी प्रक्रिया किसी भी संस्था द्वारा नौकरी या नियुक्ति का दावा किए जाने पर सतर्क रहें।

World Red Cross Day

World Red Cross Day: क्या आप जानते है क्यों मनाया जाता है आज ये दिवस ?

World Red Cross Day: विश्व रेड क्रॉस दिवस हर साल 8 मई को मनाया जाता है। यह दिवस मानवता, सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के प्रति समर्पित होता है। क्योंकि इसी दिन रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनां का जन्म हुआ था। इतना ही नहीं हेनरी ड्यूनां को मानव सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पहला नोबेल शांति पुरस्कार भी दिया गया था। रेड क्रॉस ने तीन बार (1917, 1944, 1963) शांति का नोबेल पुरस्कार जीता है।World Red Cross Day

जानिए कैसे बनी ये संस्था: बता दें कि उन्होंने युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की स्थिति को देखकर एक ऐसी संस्था की कल्पना की थी जो बिना भेदभाव के जरूरतमंद लोगों की मदद कर सके। इसी सोच से अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति की स्थापना हुई। इसी लिए यह दिवस मानवता, सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के प्रति समर्पित होता है।World Red Cross Day

किया जाता है जागरूक: इस दिन का उद्देश्य लोगों को रेड क्रॉस संस्था के कार्यों और मानव सेवा के प्रति जागरूक करना है। दुनिया भर में रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट से जुड़े स्वयंसेवकों द्वारा आपदा, युद्ध, महामारी और दुर्घटनाओं के समय जरूरतमंद लोगों की मदद की जाती है। बता दे कि रेड क्रॉस संस्था आज दुनिया के कई देशों में प्राकृतिक आपदाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और राहत कार्यों में अहम भूमिका निभा रही है। इस वर्ष भी विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का संदेश दिया जा रहा है।World Red Cross Day

भारत में रेड क्रॉस की स्थापना 1920 में हुई: बता दें कि रेड क्रॉस का उद्देश्य मानवता निष्पक्षता एवं लोगों को फर्स्ट एंड ब्लड डोनेशन एवं आपदा राहत के लिए प्रेरित करना है । रेड क्रॉस के 7 सिद्धांत हैं । जिनमें मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता ,स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता सार्वभौमिकता शामिल है।World Red Cross Day

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धारूहेड़ा: बच्चो को विश्व रेड क्रास दिवस के बारे में जागरूक करते हुए
धारूहेड़ा: बच्चो को विश्व रेड क्रास दिवस के बारे में जागरूक करते हुए

 

गढी अलावलपुर स्कूल में बच्चों किया जागरूक: धारूहेड़ा के गांव गढी अलावलपुर स्कूल में शुक्रवार को प्रांगण सभा में बच्चों को विश्व रेड क्रॉस दिवस के बारे में जागरूक किया। मुख्याध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि रेड क्रॉस दिवस हमें निस्वार्थ सेवा मानवता के प्रति समर्पण की और संदेश देता है। 1859 में सोलफेरिनो की लड़ाई में घायलों की मदद के बाद उन्होंने रेड क्रॉस की स्थापना रखी । इस अवसर पर विद्यालय के जितेंद्र कुमार , राजेश शांडिल्य, मंजूबाला और राजेश कुमारी उपस्थित रहे।World Red Cross Day

code of news

Breaking News: अब सैलरी स्लिप हो गई जरूरी, नए वेज कोड में प्रावधान

Breaking News: नई दिल्ली: कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आ रही है। नए श्रम कानून Code on Wages, 2019 के तहत अब कंपनियों के लिए कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना और उनके वेतन से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड रखना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। ऐसे में लंबे समय से वेतन को लेकर कर हरे गोलामाल पर रोक लगने की उम्मीद है।Breaking News

👉 जानिए क्यों पडी जरूरत?
नए नियमों के अनुसार अब कंपनियों को हर कर्मचारी के वेतन, कटौती, ओवरटाइम और भुगतान से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड करना होगा।

👉 जानिए क्या है इसका उद्देश्य:
वेतन में पारदर्शिता बढ़ाना
कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा करना
गलत कटौती और भुगतान विवाद को कम करनाBreaking News

👉 सैलरी स्लिप क्यों है जरूरी?
सैलरी स्लिप अब केवल एक औपचारिक कागज नहीं रह गई है, बल्कि यह कर्मचारी के वेतन का महत्वपूर्ण प्रमाण (Proof) बन चुकी है।

👉 इससे कर्मचारी यह जान सकता है:
कितना वेतन मिला
कितनी कटौती हुई
PF, बोनस और अन्य भुगतान का पूरा हिसाब
यानि पूरा रिकोर्ड रहेगा ताकि कोई डाटा छिपाया नहीं जाए।


📌 डिस्प्ले नोट (महत्वपूर्ण)
📢 नए Code on Wages, 2019 में स्पष्ट रूप से ऐसे प्रावधान मौजूद हैं, जिनके तहत वेतन से जुड़े रिकॉर्ड और सैलरी स्लिप देना अनिवार्य बताया गया है। यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध कानूनी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।

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👉 कंपनियों की जिम्मेदारी
नए नियमों के तहत:
हर कर्मचारी को समय पर सैलरी स्लिप देना जरूरी होगा
वेतन और भुगतान का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है
नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई संभव
वेतन कम देना ज्यादा दिखाने वालों पर गाज संभव

🎯 क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण?
यह प्रावधान कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाता है और कंपनियों को भी पारदर्शी सिस्टम अपनाने के लिए मजबूर करता है।इससे भविष्य में वेतन विवाद और गलत कटौती जैसे मामलों में कमी आ सकती है।Breaking News

हडताल

Breaking News: भिवाड़ी व नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन, कई वाहन आग के हवाले

Breaking news: Manesar आईएमटी में भले ही मजदूरी बढ़ाने को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन बंद हो गया हो लेकिन यह चिंगारी या राजस्थान के भिवाडी व नोएडा में भी पहुंच चुकी है।Breaking News

भिवाड़ी में प्रदर्शन, पुलिस तैनात: हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी में हुई बढ़ोतरी का असर अब भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्र श्रमिकों ने सोमवार को न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। श्रमिकों की ओर से हंगामा किए जाने के बाद कंपनी के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.Breaking News

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि हरियाणा में मजदूरी दर बढ़ने के बाद भिवाड़ी में कार्यरत श्रमिकों को भी समान लाभ मिलना चाहिए। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वर्तमान मजदूरी दर उनके जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं है, जबकि हरियाणा में बेहतर वेतन मिलने से असमानता की स्थिति उत्पन्न हो रही है। भिवाड़ी की श्रमिकों का कहना है कि कई सालों से उनकी मजदूरी नहीं बढ़ी है इतना ही नहीं सुरक्षा उपकरणों का भी पूरा अभाव है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने श्रमिकों और प्रबंधन के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, ताकि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके।

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मांगो को लेकर नाएडा में सडको पर उतरे श्रमिक, काटा बवाल
मांगो को लेकर नाएडा में सडको पर उतरे श्रमिक, काटा बवाल

इस प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, हालांकि पुलिस और प्रशासन की तत्परता से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। आंदोलन की चेतावनी श्रमिकों ने कहा है कि वे कई साल से कम मजदूरी पर काम कर रहे हैं जब पड़ोसी राज्य में मानदेय बढ़ सकता है तो हमारा क्यों नहीं

श्रमिकों ने चेतावनी : यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आगे भी आंदोलन तेज कर सकते हैं। श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के चलते कई कंपनियों में आज उत्पादन बंद हो गया है हालांकि देखा देखी के चलते श्रमिकों की संख्या बढ़ती जा रही है.

नोएडा में बबाल, कई वाहन फुके:
वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आना की तर्ज पर अब नोएडा में भी श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं । गुस्साए कर्मियो ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है हालांकि पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाने के लिए आंसू के गोले छोड़कर कर्मचारियों को शांत करने का प्रयास किया गया है लेकिन कर्मचारियों का व प्रदर्शन लगातार जारी है।

नोएडा में मजदूर आंदोलन के पीछे कौन?
नोएडा में मजदूरों का आंदोलन के पीछे रिचा ग्लोबल को माना जा रहा है। क्योंकि रिचा ग्लोबन की एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में हैं। जहां पर हडताल के बाद श्रमिको केा वेतन बढा दिया है। इसी के चलते नाएडा के श्रमिक अब सडकों पर आग गए है उनका कहना है इतन कम वेतन में कैसे काम करेंं

प्रबंधन से लगातार बातचीत

भिवाड़ी के एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का प्रतिनिधिमंडल कंपनी प्रबंधन से लगातार बातचीत कर रहा है. वार्ता का दौर जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही उनकी मांगों का समाधान निकल आएगा. उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है

Asian Wrestling Championships: अभिमन्यु व सुजीत ने किर्गिस्तान में लहराया परचम

Asian Wrestling Championships: अभिमन्यु व सुजीत ने किर्गिस्तान में लहराया परचम

Asian Wrestling Championships: इंडिया के दो पहलवानो ने एक बार फिर विदेश में परचम लहराया दिया है। 6 साल बाद भारत को दो गोल्ड दिलाकर पुरानी यादे ताजा कर द है। अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत और अभिमन्यु ने दमदार प्रदर्शन करते हुए शनिवार को सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को दो स्वर्ण पदक दिलाए। सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में शनिवार को वर्ल्ड अंडर-23 चैंपियन सुजीत और अभिमन्यु ने अपने-अपने पुरुषों के फ्रीस्टाइल फाइनल मुकाबलों में भारत को दो गोल्ड मेडल जीत कर देश का नाम रोशन किया है।

बजरंग पूनिया के छह साल बाद फिर जीता गोल्ड: बता दे कि किर्गिस्तान के बिश्केक में जारी चैंपियनशिप में सुजीत ने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव के खिलाफ 8-1 से जीत दर्ज करवाई । बता दें इसी के सा​थ ही बजरंग पूनिया के छह साल बाद इस भार वर्ग में एशियन चैंपियनशिप का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।

अभिमन्यु ने पुरुषों के 70 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मंगोलिया के तुलगा तुमुर ओचिर को 5-3 से हराया है।

सुजीत ने शुरुआती राउंड में धीमी शुरुआत की, क्योंकि जलोलोव ने पकड़ बनाए रखी और भारतीय पहलवान को हमला करने का मौका नहीं दिया, लेकिन 23 वर्षीय भारतीय पहलवान ने दूसरे राउंड की शुरुआत में ही तेजी दिखाई और उज्बेक पहलवान के खिलाफ अपनी पांचवीं जीत दर्ज की।

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अभिमन्यु ने पुरुषों के 70 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मंगोलिया के तुलगा तुमुर ओचिर को 5-3 से हराया है।

गोल्ड मेडल जीतकर फोर्स और देश का नाम रोशन किया: सीआईएसएफ सेंट्रल रेसलिंग टीम के 24 वर्षीय पहलवान हेड कांस्टेबल अभिमन्यु ने किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में 70 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर फोर्स और देश का नाम रोशन किया है।

संदीप मान को नहीं मिली सफलता: बता दे कि संदीप मान के पास भारत के लिए गोल्ड मेडल्स की हैट्रिक पूरी करने का मौका था, लेकिन पुरुषों के 79 किलोग्राम वर्ग के एक कड़े मुकाबले वाले फाइनल में उन्हें 1-2 से हार का सामना करना पड़ा।

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