Indian Railway: हरियाणा के नूंह जिले के मेवात क्षेत्र में पहली बार यात्री रेल सेवा शुरू होने जा रही है। यह कदम इस पिछड़े क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और विकासात्मक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-सोहना-नूंह-फिरोजपुर झिरका-अलवर रूट को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत करीब ₹2500 करोड़ आंकी गई है।Haryana News Haryana News
रेलवे लाइन की पुरानी मांग पूरी होने का मौका
मेवात क्षेत्र में रेलवे लाइन की मांग कई सालों से चल रही थी। इस परियोजना की नींव 1971 में तब रखी गई थी, जब गुड़गांव के तत्कालीन सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने संसद में इस क्षेत्र के लिए रेलवे कनेक्टिविटी की मांग उठाई थी। उसी साल केंद्र सरकार ने रेलवे लाइन के लिए सर्वे भी कराया था। हालांकि इस परियोजना को पूरा होने में पांच दशक लग गए, लेकिन अब यह सपना साकार होने जा रहा है।
तीन चरणों में बनाई गई रेलवे परियोजना
रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में भूमि अधिग्रहण, दूसरे चरण में बुनियादी ढाँचे का विकास और तीसरे चरण में रेल पटरियाँ बिछाना और स्टेशन निर्माण किया जाएगा। इस पूरी परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह रेलवे परियोजना मेवात क्षेत्र के लिए राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अब तक यातायात की कमी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और आर्थिक पिछड़ापन जैसी समस्याएं रही हैं। रेलवे लाइन के शुरू होने से इन सभी समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है, साथ ही क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया और अपेक्षाएँ
जैसे ही इस परियोजना को सरकारी मंजूरी मिली, मेवात क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय निवासी और जनप्रतिनिधि इसे क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम मान रहे हैं। इस नई रेलवे लाइन से न केवल यात्रा की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मेवात को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति की नई संभावनाएँ पैदा होंगी।Haryana News
यात्रा में सुविधा और विकास की नई दिशा
नई रेलवे लाइन दिल्ली, सोहना, नूंह, फिरोजपुर झिरका होते हुए अलवर तक जाएगी। इसके माध्यम से न केवल ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्र मुख्यधारा से जुड़ेंगे, बल्कि यात्रा का समय भी कम होगा। इस मार्ग से छात्रों, किसानों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा, क्योंकि वे अपने गंतव्य तक अधिक आसानी से पहुँच सकेंगे। नई रेलवे लाइन हरियाणाHaryana News
तीन चरणों में बनाई गई रेलवे परियोजना
रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में भूमि अधिग्रहण, दूसरे चरण में बुनियादी ढाँचे का विकास और तीसरे चरण में रेल पटरियाँ बिछाना और स्टेशन निर्माण किया जाएगा। इस पूरी परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

















