पट्टीकल्याणा के प्रसिद्ध 70 माइल स्टोन ढाबे पर आयकर विभाग की छापेमारी, कई दस्तावेज खंगाले

On: March 9, 2026 3:16 PM
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Income Tax Department Raid at Famous 70 Mile Stone Dhaba in Pattikalyana, Several Documents Examined

हरियाणा के जीटी रोड पर स्थित पट्टीकल्याणा का प्रसिद्ध 70 माइल स्टोन ढाबा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। रविवार को आयकर विभाग की टीम ने यहां सर्च अभियान चलाया, जिससे इलाके में हलचल मच गई। दोपहर करीब एक बजे आयकर विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ होटल परिसर में पहुंचे और देर शाम तक दस्तावेजों की गहन जांच करते रहे। इस कार्रवाई के बाद आसपास के क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम चार प्राइवेट टैक्सियों में होटल परिसर पहुंची। इन टैक्सियों पर पंजाब और हरियाणा के नंबर प्लेट लगे हुए थे। टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद था ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। अधिकारियों ने होटल के कार्यालय और अन्य संबंधित हिस्सों में जाकर वित्तीय दस्तावेजों, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान होटल प्रबंधन से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे गए। टीम ने होटल के कारोबार, आय-व्यय से जुड़े रजिस्टर, बैंक लेन-देन से संबंधित जानकारी और अन्य रिकॉर्ड का मिलान किया। अधिकारियों ने यह भी जांचने की कोशिश की कि होटल के वित्तीय लेन-देन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं है। हालांकि, देर शाम तक जांच जारी रहने के कारण विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई।

Income Tax Department Raid at Famous 70 Mile Stone Dhaba in Pattikalyana, Several Documents Examinedइस सर्च अभियान की खबर फैलते ही आसपास के गांवों और कस्बों में चर्चा का माहौल बन गया। जीटी रोड पर स्थित यह ढाबा लंबे समय से यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग भोजन के लिए रुकते हैं, जिससे यह ढाबा हमेशा व्यस्त रहता है। ऐसे में आयकर विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय लोगों में उत्सुकता बढ़ गई।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस ढाबे का नाम किसी सरकारी कार्रवाई के कारण चर्चा में आया हो। इससे पहले हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस होटल के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। 3 मार्च को बोर्ड ने जल (निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कार्रवाई करते हुए ढाबे को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2025 में किए गए निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। निरीक्षण में पाया गया कि होटल के पास संचालन के लिए आवश्यक कंसेंट टू एस्टैब्लिश (CTE) और कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) जैसे जरूरी प्रमाण पत्र मौजूद नहीं थे। ये प्रमाण पत्र किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को पर्यावरणीय मानकों के अनुसार संचालन करने के लिए अनिवार्य होते हैं।

जांच में यह भी सामने आया था कि होटल से निकलने वाले गंदे पानी को बिना किसी उपचार के सीधे सरकारी जमीन पर बहाया जा रहा था। यह पर्यावरणीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। इसके अलावा होटल परिसर में सेप्टिक टैंक की उचित व्यवस्था भी नहीं पाई गई थी, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था।

इसके साथ ही ठोस कचरे के प्रबंधन में भी लापरवाही सामने आई थी। अधिकारियों ने पाया कि होटल से निकलने वाले कचरे को खुले में फेंका जा रहा था, जो पर्यावरण और आसपास के क्षेत्र के लिए हानिकारक हो सकता है। इन सभी कमियों को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले ढाबा प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

हालांकि, बोर्ड के अनुसार नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए जल अधिनियम की धारा 33-ए के तहत ढाबे को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। इस कार्रवाई के बाद भी मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ था और अब आयकर विभाग की छापेमारी ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया है। फिलहाल आयकर विभाग की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विभाग को दस्तावेजों की जांच में क्या-क्या जानकारी मिली और आगे इस मामले में क्या कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की जांच से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। वहीं दूसरी ओर, ढाबा प्रबंधन की ओर से भी अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कुल मिलाकर, जीटी रोड के इस प्रसिद्ध ढाबे पर आयकर विभाग की कार्रवाई ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद विभाग की अगली कार्रवाई क्या होती है और क्या इस मामले में कोई बड़ी अनियमितता सामने आती है या नहीं।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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