Bhiwadi News: भिवाड़ी के औद्योगिक कस्बा खुशखेड़ा में करीब 11 दिन पहले हुए खौफनाक अग्निकांड ने राजस्थान के पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। क्योकि अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट से 9 मजदूर जिंदा जलकर नरकंकाल बन गए थे। इस हादसे के बाद जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के निर्देश पर शुरू हुई जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के चलते औद्योगिक सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है।Bhiwadi News
हादसे के बाद प्रशास ने जांच अभियान चलाया। इस अभियान के चलते 17 से 23 फरवरी के बीच कलेक्टर की टीम ने तूफानी दौरा करते हुए 2515 फैक्ट्रियों की जांच की। इस दौरान जो सच सामने आया, वह डराने वाला है। यानि 90 फीसदी लापरवाही मिली।
राम भरोसे सुरक्षा: पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्गिन कांड के बाद अग्निशमन विभाग ने 392 ऐसी फैक्ट्रियां चिन्हित की हैं, जिनके पास आग से बचाव का कोई भी वैध दस्तावेज या सिस्टम नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी नियमों की अनदेखी करने पर 47 फैक्ट्रियों को नोटिस थमाया है। गनीमत यही है इस कंपनियों में कोई हादसा नहीं हुआ।
1058 फैक्ट्रियों को नोटिस: बता दें कि करीब 1058 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया गया है। इन फैक्ट्रियों ने RIICO से लाइसेंस किसी और उत्पाद के लिए लिया था, लेकिन अंदर अवैध रूप से कुछ और ही बनाया जा रहा था। खुशखेड़ा की पटाखा फैक्ट्री में भी यही हुआ था-कागजों में वहां कपड़े (गारमेंट) बनने थे, लेकिन अंदर बारूद का खेल चल रहा था।

















