Haryana Govt: हरियाणा सरकार का अफसर पर बड़ा एक्शन, डिस्पलेजर नोट जारी करने के आदेश

On: May 23, 2025 2:54 PM
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Haryana Govt:  जनसंवाद, सीएम विंडो और एसएमजीटी पर प्राप्त शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार द्वारा राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को डिस्पलेजर नोट जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग के एसएमजीटी के नोडल अधिकारी से लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही के लिए यथाशीघ्र स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मुख्यालय एवं जिला स्तर पर बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित हैं, तथा जिला स्तर पर न तो प्रभावी निगरानी हो रही है और न ही नियमित समीक्षा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. साकेत कुमार ने निर्देश दिए कि राजस्व विभाग की एक पृथक समीक्षा बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी, जिसमें लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (सीईबीडब्लयूएस) के स्तर पर जनसंवाद पोर्टल पर लंबित 745 मामलों को लेकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं, सिंचाई विभाग के अंबाला एवं यमुनानगर सर्कल के अधिकारियों को जिलों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध समाधान हेतु सख्त चेतावनी दी गई है।

बैठक के दौरान निर्माण/मरम्मत कार्यों, जल आपूर्ति और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें नहरों, ड्रेनों, माइनरों, पुलों, जल मार्गों, सड़कों के निर्माण/मरम्मत, तालाबों की सौंदर्यीकरण योजना, गांवों के तालाबों एवं जल कार्यों हेतु जल आपूर्ति, तथा रेगुलेशन संबंधी मुद्दे शामिल रहे।

डॉ. साकेत कुमार गत देर सायं सीएम विंडो, जनसंवाद और एसएमजीटी पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी श्री विवेक कालिया व राकेश संधु भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव ने विभागों के नोडल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए की सभी विभागों को आने वाली समस्याओं पर समन्वय बनाकर तुरंत समाधान करें, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।

गत सप्ताह मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार की अध्यक्षता में सीआरआईडी एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे।

समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने पर एक अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी, एक मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी, एक अन्य प्रकरण में सतर्कता जांच के आदेश दिए गए थे और सभी अतिरिक्त उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देशों सहित परामर्श भी जारी किया गया था।

इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए, बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव ने राजस्व व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि वे आमजन से जुड़ी शिकायतों का तत्काल और पूरी ईमानदारी से निपटान करें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का ध्येय है कि जनता को हर हाल में तय समयावधि में सभी सुविधाएं मिले, इसमें किसी स्तर पर भी किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।

मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी श्री विवेक कालिया ने बताया कि बैठक में संबंधित विभागों के सभी अधिकारियों की लंबित जनसंवाद/सीएम विंडो/एसएमजीटी प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई तथा प्रत्येक मामले की प्रगति पर ब्यौरा लिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान कई अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से फोन पर संपर्क कर लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी भी ली गई।

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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