Rewari News: भारत सरकार द्वारा निर्देशित सिविल डिफेंस मार्क ड्रिल का इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक और प्रशासन को युद्ध जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करना है। यह अभ्यास 244 जिलों में आयोजित किया जा रहा है जिसमें विभिन्न सुरक्षा उपाय और प्रशिक्षण छात्रों को शामिल किया गया है।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली का परीक्षण, हॉटलाइन रेडियो लिंक का संचालन, ब्लैकआउट उपाय का प्रावधान अथवा नागरिक सुरक्षा सेवाओं की सक्रियता और प्रतिक्रिया का सत्यापन करना था। इस कार्यक्रम के दौरान 250 के आसपास बच्चे उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने कहा कि हमारी मॉक ड्रिल यह सुनिश्चित करती है कि आप वास्तविक आपदा की स्थिति में तैयार रहे। हमारे विशेषज्ञ आपकी आपदा प्रतिक्रिया को परखने की प्रक्रिया में आपका मार्गदर्शन करेंगे और उन क्षेत्रों की पहचान करेंगे जहां सुधार आवश्यक है।
मॉक ड्रिल आपको वास्तविक आपदा से बचने का सबसे अच्छा मौका देती है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक प्रो करण सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से लोग आपदा के प्रति जागरूक होते हैं और उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि संकट की स्थिति में क्या करना है।
डां सुशांत यादव द्वारा मॉक ड्रिल के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य और प्रबंधन विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर अदिति शर्मा, डॉ. समृद्धि, डॉ. भारती, डॉ. रीना, डॉ. पंकज त्यागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ललित कुमार, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. अनीता, लिपिक मनजीत एवं राकेश कुमार व एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

















