Haryana के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। आगरा के बीएसएनएल ग्राउंड में आयोजित क्षेत्रीय कौशल प्रतियोगिता में हरियाणा के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 33 पदक अपने नाम किए। इन पदकों में 8 स्वर्ण, 13 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इस उपलब्धि ने न केवल राज्य के युवाओं की क्षमता को साबित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर युवा किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
समापन समारोह के दौरान केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने हरियाणा के प्रतिभागियों की सराहना की और विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के विकास में कुशल युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रतियोगिताएं युवाओं को अपने कौशल को निखारने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर देती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत के युवा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी शानदार प्रदर्शन करेंगे।
कौशल के क्षेत्र में हरियाणा की मजबूत पहचान ?
पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा ने कौशल विकास के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। हरियाणा में कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इसके अलावा विभिन्न तकनीकी संस्थानों में आधुनिक और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इन प्रयासों का परिणाम अब साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्रीय कौशल प्रतियोगिता में हरियाणा के प्रतिभागियों ने कुल 63 कौशलों में से 49 कौशलों में हिस्सा लिया। इनमें से 33 कौशलों में पदक जीतकर युवाओं ने यह साबित कर दिया कि राज्य के युवा किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई और सभी विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर संभव अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि जब युवाओं को सही दिशा और प्रशिक्षण मिलता है तो वे देश और समाज के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर होगी चुनौती ?
क्षेत्रीय कौशल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले प्रतिभागियों के लिए अब अगला पड़ाव राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है। ये सभी विजेता अब प्रतिष्ठित इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभाशाली प्रतिभागी अपने-अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता को देश की सबसे बड़ी कौशल प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है। यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर आयोजित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है। यह प्रतियोगिता दुनिया भर के युवाओं को एक मंच पर लाकर उनके कौशल की परख करती है।
हरियाणा के प्रतिभागियों से इस बार भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यदि वे राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल सकता है। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए गर्व की बात होगी।
युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना ?
कौशल प्रतियोगिताओं में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने आकर्षक पुरस्कार राशि की घोषणा भी की है। सरकार का मानना है कि आर्थिक प्रोत्साहन से युवाओं का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले प्रतिभागियों को 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले प्रतिभागियों को 10 लाख रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा। यह योजना युवाओं को अपने कौशल को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह कौशल विकास पर ध्यान दिया जाता रहा तो आने वाले वर्षों में हरियाणा देश के कौशल मानचित्र पर और भी मजबूत स्थान बना सकता है। प्रदेश के युवा पहले ही खेल और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं, और अब कौशल के क्षेत्र में भी वे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि हरियाणा के युवा केवल मेहनती ही नहीं बल्कि अत्यंत प्रतिभाशाली भी हैं। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत का नाम रोशन करने की क्षमता रखते हैं।

















