Haryana News: हरियाणा के टीजीटी संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ आया है। 2 साल से नौकरी करता है शिक्षकों को हटाने के मामले में अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट सख्त दिख रहा है। हाई कोर्ट के द्वारा हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने सरकार को जल्द से जल्द जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सेवा से हटाए जाने के खिलाफ शिक्षकों की याचिका
संशोधित चयन परिणाम जारी होने के बाद चयन सूची से बाहर हुए कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में कहां है कि वह लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं फिर भी उन्हें नौकरी से हटाया जा रहा है जिसके बाद हाईकोर्ट ने नौकरी से हटाने पर रोक लगा दिया है। अब हाई कोर्ट में सरकार से जवाब मांगा है।
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिली थी नियुक्ति
याचिका में बताया गया है कि उम्मीदवारों ने वर्ष 2023 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा निकाली गई TGT संस्कृत भर्ती के लिए आवेदन किया था। सभी आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं और पात्रता शर्तों को पूरा करने के बाद उनका चयन हुआ। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम परिणाम घोषित किया, जिसके आधार पर संबंधित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई थी।
दो साल से दे रहे हैं सेवाएं
चयनित अभ्यर्थियों को जिला शिक्षा विभाग की ओर से नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। इसके बाद वह स्कूल में नौकरी ज्वाइन किए थे और 2 साल से नौकरी कर रहे हैं।
सरकार से जवाब तलब
अब हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है और जल्द से जल्द अपना जवाब देने के लिए कहा है। हालांकि संस्कृत शिक्षकों की परेशानियां बढ़ रही है क्योंकि उनके नौकरी पर तलवार लटकी हुई है।


















