Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स यानी आईटीआई को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए बजट में मंजूरी भी दे दी गई है। इस योजना के तहत पुराने उपकरणों को हटाकर नई और उन्नत मशीनें लगाई जाएंगी। इसका मकसद छात्रों को बेहतर और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है ताकि वे रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री ने बजट में नब्बे करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से पुराने भवनों और मशीनों को बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आईटीआई के छात्र उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित हों। इस निवेश से न केवल उपकरण सुधरेंगे बल्कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे युवाओं को पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी मिलने में आसानी होगी।
नया सिलेबस और स्किल डेवलपमेंट
युवा सशक्तिकरण और उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने आईटीआई में नया सिलेबस शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। यह नया सिलेबस पूरी तरह उद्योग की मांग के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीक और जरूरी कौशल सिखाए जाएंगे। इससे छात्र रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे और उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
मशीनों और उपकरणों की खरीद के लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह खरीद हाई पावर परचेज कमेटी के जरिए होगी ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। सरकार चाहती है कि छात्रों को सबसे अच्छी सुविधाएं मिलें जिससे उनका भविष्य उज्जवल बन सके। टेंडर प्रक्रिया में गुणवत्ता और लागत दोनों पर ध्यान दिया जाएगा।
पुराने उपकरणों और भवनों का नवीनीकरण
आईटीआई में पुराने और खराब मशीनों को हटाने का कारण यह है कि इससे छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के बाद प्लेसमेंट में दिक्कतें आ रही थीं। साथ ही जर्जर भवनों को भी नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके लिए पूरे राज्य में सर्वे किया जा रहा है ताकि हर आईटीआई में सुधार किया जा सके। यह कदम आईटीआई की गुणवत्ता बढ़ाने और युवाओं के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।





















